पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। भले ही मौसम सुहाना हो गया हो, लेकिन यह बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। वहीं कई परिवारों पर यह बारिश कहर बनकर टूटी। आस-पास के जिलों में अब तक पांच बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई है। जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए।लगातार हो रही बारिश को देखते हुए डीएम अनिल ढींगरा ने मेरठ के सभी आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। मकान ढहने से गई दो सगे भाई-बहनों की जान, आइये एक्सक्लूसिव तस्वीरों में जानते हैं पश्चिमी यूपी का हाल...
2 of 17
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ के जई गांव में बृहस्पतिवार रात बरसात दो बच्चों के लिए काल बनकर आई। यहां एक मकान की छत गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई। इसके अलावा खरखौदा के घोसीपुर गांव में मकान गिरने से वृद्धा की मौत हो गई।
3 of 17
बारिश का कहर
- फोटो : अमर उजाला
गांव में 26 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर इसराइल पुत्र रहमत अपनी पत्नी शबाना और चार बच्चों अमजद(4), सुमईया (6), सहरीन (2) व आफरीन (आठ महीने) के साथ रहते हैं। परिवार बृहस्पतिवार को अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान रात 11 बजे छत का बीम टूट गया। छत भरभराकर नीचे गिर पड़ी। जिसमें पूरा परिवार दब गया। चीख पुकार का शोर सुन पड़ोसी मदद के लिए दौड़े और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
4 of 17
बारिश का कहर
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा मेरठ में बारिश के कारण एक पुलिस चौकी भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में तीन सिपाही जख्मी हुए हैं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
5 of 17
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
वहीं मुजफ्फरनगर में तहसील के पास तिलक कॉलोनी के सामने बारिश में घोड़े पर बैठकर घर जा रहे दो किशोरों की हाइटेंशन लाइन के खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई। घोड़े ने भी दम तोड़ दिया। किशोरों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। कॉलोनी के लोगों ने किशोरों की मौत के लिए विद्युत निगम के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए आक्रोश जताया। पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत किया। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। पुलिस ने केवल घोड़े का पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया।