साल 2021 को जाने में तीन दिन बाकी हैं। इस साल में 37 हत्याएं हुईं। जिनमें कई हत्याकांड काफी चर्चित रहे। खासकर खो-खो की नेशनल खिलाड़ी हत्याकांड की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई थी। रचित हत्याकांड में भी जिले का माहौल खराब होते बचा। हालांकि अपराधियों पर शिकंजा कसने में पुलिस ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। 275 अपराधियों को जिला बदर कराया तो 450 बड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया।
37 मर्डर: हर महीने तीन हत्याएं, खूब सुर्खियों में रहे ये बड़े मामले, दुष्कर्म की हुईं 22 वारदात, तस्वीरें
जिले की चर्चित हत्याएं
- 10 सितंबर को खो-खो नेशनल खिलाड़ी की हत्या कर दी गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ी के परिजनों से मुलाकात कर मुआवजा दिया।
- पांच फरवरी को झालू में रचित हत्याकांड हुआ। इस हत्याकांड ने भी काफी तूल पकड़ा।
- 29 अक्तूबर को बिजनौर शहर में शिक्षिका डॉ. प्रिया दत्त शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- आठ अगस्त को मंडावर क्षेत्र में बदमाशों ने कुलविंदर की हत्या कर ट्रैक्टर लूट लिया। मामले में अभी तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है।
- 18 सितंबर को नेशनल हाईवे पर ट्रक से कुचलकर महिला की हत्या कर दी गई।
- 19 जुलाई को मुथुट फाइनेंस में लूट के दौरान फायरिंग की दहशत से पॉपकोर्न विक्रेता की मौत हो गई।
- सात सितंबर को हल्दौर में चार साल की बालिका की हत्या कर दी गई।
208 पर गैंगस्टर, 315 पर लगा गुंडा एक्ट
जिले में बढ़ रहे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गैंगस्टर के 208 केस दर्ज किए गए और 315 अपराधियों पर गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। जिले में 275 को जिलाबदर कराया गया। 450 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अवैध शराब के मामले में 1200 आरोपियों को पकड़ा गया। जिनके पास से 13 हजार लीटर शराब बरामद की गई।
मास्क न लगाने वालों ने भरा डेढ़ करोड़ का जुर्माना
कोरोना की दूसरी लहर के चलते लोगों को लापरवाही भारी पड़ी। पुलिस ने जिलेभर में पूरे साल मास्क नहीं लगाने वालो पर भी शिकंजा कसा। मास्क नहीं लगाने वालों से डेढ़ करोड़ रुपये जुर्माने में वसूल किए गए।