कई महीनों से सूने नजर आ रहे शहर के स्कूलों में शुक्रवार दोपहर को अलग ही माहौल था। कोविड गाइड लाइन के चलते स्कूलों ने छात्र-छात्राओं को बुलाया नहीं गया था, लेकिन फिर भी कुछ स्कूलों में छात्र पहुंच गए। दरअसल, लंबे समय बाद एक दूसरे से मिलने की उत्सुकता और बिना पढ़े पास होने की सूचना ने छात्र छात्राओं की खुशी को दोगुना कर दिया। आगे तस्वीरों में देखें स्टूडेंट्स ने कहा कैसे मनाई पास होने की खुशी : -
खुशी मिली इतनी: बिना पढ़े पास हुए तो खिले चेहरे, किसी ने ली सेल्फी, तो कोई बोला- भाई! आगे भूल मत जाना
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आज दोहपर बाद जैसे ही यूपी बोर्ड की दसवी व बारहवी की परीक्षाओं का परिणाम जारी होने की सूचना छात्र छात्राओं को मिली तो वे स्कूल और कॉलेजों में पहुंच गए। और एक दसूरे को पास होने की बधाई दी।
बिना पढ़े पास होने का तो सभी को पता था लेकिन रिजल्ट आने की खुशी देखते ही बन रही थी। दसवीं कक्षा के कोई सेल्फी लेने में लगा था तो बारहवीं का कोई स्टूडेंट हाथ मिलाकर कह रहा था, भाई तू तो अब अलग हो जाएगा, लेकिन भूल मत जाना। यह सब देखकर शिक्षकों के चेहरे भी खिल उठे। कहने लगे... आगे बढ़ते रहो। भविष्य में स्कूल और माता-पिता का नाम रोशन करो।
मेरठ में दसवी और बारहवी कक्षा में इस बार बेटों ने बाजी मारी है। मेरठ में दसवीं कक्षा में सनातन धर्म इंटर कॉलेज के छात्र अर्जुन यादव ने 90.5% अंकों के साथ टॉप किया। वहीं बारहवीं कक्षा में जागृति विहार निवासी और बालेराम बृजभूषण शास्त्रीनगर एल ब्लॉक के साइंस स्ट्रीम के छात्र अर्जुन पवार 90.8 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉपर रहे।
बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड में मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई है। न प्रदेश स्तर पर और न ही जिला स्तर पर टॉपर्स की सूची जारी की गई है। स्कूल स्तर पर ही प्रतिशत निकाले जा रहे हैं।
देहात में तो बुरी स्थिति है, वहां अधिकांश स्कूल खुले ही नहीं है। बच्चों के रिजल्ट तक भी स्कूलों में नहीं निकाले जा रहे हैं। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से भी कोई सूची जारी नहीं की गई है। क्षेत्रीय सचिव लखनऊ में हैं। सिर्फ जिलेवार कितने विद्यार्थी थे और कितने प्रतिशत पास हुए यही जारी किया गया है।