बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना, तेज रफ्तार से वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग सहित अन्य कारणों से भी सड़क हादसे बढ़ रहे हैं और सड़कों पर जिंदगियां दम तोड़ रहीं हैं। रोजाना होने वाले हादसों में अधिकतर दुपहिया वाहन सवार शामिल होते हैं। लेकिन लोगों को न तो अपनी जान की परवाह है और न ही किसी अन्य की। आगे देखें कैसे जान जोखिम में डालकर लोग बिना हेलमेट दुपहिया वाहनों को दौड़ा रहे हैं:-
तस्वीरें: एक बाइक पर चार सवार, इन्हें नहीं जिंदगी से प्यार, बिना हेलमेट दौड़ा रहे दुपहिया वाहन
- तेज गति से वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग जैसी लापरवाही से भी हो रहे हादसे
- कोरोना की बंदिशों में भी वाहन चालकों ने जमकर तोड़े नियम
- पिछले साल के मुकाबले लापरवाही के दोगुना मामले मिले
कोरोना संक्रमण काल में तो लॉकडाउन और सड़कों पर वाहन कम होने के बावजूद नियम तोड़ने वालों की संख्या पिछले साल से भी दोगुना अधिक हो गई है। सभी बंदिशों के बावजूद वाहन चालकों ने जमकर नियम तोड़े। ऐसे में उनके खूब चालान भी किए गए। इसके बावजूद नियम तोड़े जा रहे हैं।
बुधवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी ऐसे ही दृश्य देखने को मिले। शहर में यातायात पुलिस के सामने भी बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग के साथ वाहन दौड़ते नजर आए। कुछ तो खुद के साथ बच्चों की जान भी खतरे में डालकर सफर करते हुए मिले।
सड़क हादसों के कुछ मुख्य कारण
- बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना
- एक दुपहिया वाहन पर तीन या इससे अधिक सवारी
- निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना
- चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग न करना
- सड़क पर गलत दिशा में वाहन चलाना
- रात में झपकी और नशे में होने के कारण भी होते हैं हादसे
- सर्दियों में घना कोहरा भी होता है जिम्मेदार
नियमों को तोड़ने पर चालान काटने की स्थिति
चालान का कारण वर्ष 2019 वर्ष 2020
हेलमेट न लगाना 26473 57920
मोबाइल फोन का प्रयोग 880 1599
सीट बेल्ट न लगाना 1661 5097
बिना डीएल वाहन चलाना 16874 33056
नो पार्किंग में वाहन 1640 5214
रश ड्राइविंग सहित 4753 6805
नहीं सुधरने वालों के हो रहे ज्यादा चालान
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने बताया कि कोरोना काल की बंदिशों में भी नियम तोड़ने वालों के जमकर चालान किए गए हैं। इसके बावजूद सड़क पर जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए नियमों के प्रति वाहन चालकों को खुद ही सजग होना पड़ेगा। कानून की सख्ती के साथ ही लोगों को खुद की समझ भी विकसित करनी होगी।