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तस्वीरें: कोल्हू में खोई झोंक रहे थे मासूम, अचानक आग ने बनाया निवाला, पल भर में बुझे दो घरों के चिराग

Wed, 21 Oct 2020 01:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 21 Oct 2020 01:33 PM IST
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Two children died in a crusher nin muzaffarnagqar
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के मोरना में गांव जटवाड़ा स्थित कोल्हू पर खोई झोंकते समय अचानक सूखी खोई का ढेर गिरने से उसमें दबे दो मासूम बच्चों की आग में झुलसने से मौत हो गई, जबकि उनकी बड़ी बहन ने किसी तरह जान बचाई। दमकल विभाग ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाकर बच्चों के शव निकाले।  आगे तस्वीरों में जानें इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी :-


ककरौली थाना क्षेत्र के गांव जटवाड़ा में बस स्टैंड के पास गांव के जावेद उर्फ जानू ने कोल्हू लगाया हुआ है। कोल्हू में खोई झोंकने का ठेका गांव बेहड़ा सादात निवासी सगे भाइयों अख्तर व नफीस ने लिया हुआ है, जो पिछले 25 सितंबर से परिवार के साथ कोल्हू पर काम कर रहे हैं।
Two children died in a crusher nin muzaffarnagqar
कोल्हू में आग बुझाते लोग - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार शाम करीब चार बजे अख्तर की बड़ी बेटी तबस्सुम (16) अपनी छोटी बहन साहिबा (3) व भाई साहिल (5) के साथ कोल्हू में खोई झोंकने गई थी। वहां तबस्सुम खोई झोंकने लगी, जबकि दोनों छोटे बच्चे पास ही में खोई में खेलने लगे। इसी दौरान अचानक ऊपर से खाई का बड़ा ढेर तीनों के ऊपर गिर गया, जिसने पास ही स्थित भट्ठी से आग पकड़ ली।

तबस्सुम तो किसी तरह खोई के ढेर से निकल गई, जबकि दोनों बच्चे आग पकड़ चुके सूखी खोई के ढेर में ही दबे रह गए। शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचना देकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन आग प्रचंड रूप लेती चली गई। 

Two children died in a crusher nin muzaffarnagqar
कोल्हू में आग बुझाते लोग - फोटो : अमर उजाला

सूचना सीएफओ रमाशंकर तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक खोई के ढेर में दबे दोनों मासूम बच्चों की मौत हो चुकी थी।
दो मासूम बच्चों को गंवाने वाला अख्तर और उसका भाई नफीस करीब तीन साल से जटवाड़ा स्थित जावेद के कोल्हू में खोई झोंकने का ठेका लेते आ रहे थे।

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Two children died in a crusher nin muzaffarnagqar
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

इस साल भी दोनों भाई खोई झोंकने का ठेका लेने के बाद 25 सितंबर से कोल्हू पहुंच गए थे। यहां वे कोल्हू के पास ही कोल्हू मालिक द्वारा बनाए गए क्वार्टर में रह रहे थे। दोनों भाइयों के परिवार में कुल 13 सदस्य हैं, जिनमें से अख्तर के परिवार में पत्नी सितारा के साथ ही बेटी तबस्सुम (16), सोनम (8), अन्नू (6) के अलावा इकलौता बेटा साहिल (5) व बेटी साहिबा (3) थे।

मूल रूप से अख्तर व नसीम सिखेड़ा क्षेत्र के गांव निराना के रहने वाले हैं। करीब दस साल पूर्व बेहड़ा सादात में आकर बस गए थे। दोनों भाई पैतृक जमीन न होने के कारण कोल्हुओं पर ही मजदूरी करते हैं और तीन साल से जावेद के कोल्हू से जुड़े हुए हैं।

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Two children died in a crusher nin muzaffarnagqar
child death - फोटो : अमर उजाला

वहीं, कोल्हू मालिक जावेद का कहना है कि वह खुद भी मजदूर परिवार से है। उसके पास महज चार बीघा जमीन है, जिसके चलते वह कोल्हू लगाकर रोजी-रोटी कमाता है। जावेद का कहना है कि दोनों भाइयों ने उससे एक लाख रुपये लिए हुए हैं। इसके बावजूद जो भी उसके स्तर से बन पड़ेगा, वह उनकी मदद करेगा।



 
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