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जेल की सच्चाई... तन्हाई बैरक बंद और खुली अफसरों की पोल, बिजली के बोर्ड में छिपे मिले मोबाइल

Fri, 06 Sep 2019 12:50 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Fri, 06 Sep 2019 12:50 AM IST
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True of Baghpat Jail and Mobile phones and modems have been recovered from the prisoners
बागपत जेल - फोटो : अमर उजाला

बंदीरक्षकों की कमी के चलते बागपत जिला कारागार की व्यवस्था में नंबरदारों की भूमिका बढ़ गई है। यही वजह है कि जिला कारागार में आए दिन हालात बिगड़ जाते हैं। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से तन्हाई बैरक बंद है और यहां बंद बंदियों को किशोर बैरक में शिफ्ट करके रखा गया है। इस वजह से हालात और अधिक मुश्किल हो गए हैं। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट-

True of Baghpat Jail and Mobile phones and modems have been recovered from the prisoners
मुन्ना बजरंगी की हत्या - फोटो : अमर उजाला

खेकड़ा थाना क्षेत्र के अब्दुलपुर गांव में स्थित जिला कारागार आए दिन सुर्खियों में रहता है। नौ जुलाई 2018 को जेल के अंदर पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम और आईजी आलोक कुमार के निरीक्षण में साफ हो गया कि जेल में अंदर बंदी स्मार्ट फोन, वाईफाई चला रहे हैं। जेल बंदी रक्षकों की कमी से भी जूझ रही है।

True of Baghpat Jail and Mobile phones and modems have been recovered from the prisoners
बागपत जेल का निरीक्षण करने पहुंचे आईजी और कमिश्नर - फोटो : अमर उजाला

जिला कारागार में 660 बंदियों के रखने की क्षमता है, लेकिन जेल में क्षमता से अधिक 891 बंदी बंद है। इन बंदियों को काबू में करने के लिए 110 बंदी रक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन मात्र 26 बंदी रक्षक जेल में तैनात है। नंबरदारों के भरोसे जेल चल रही है। बंदीरक्षकों की कमी के चलते कई बार बंदियों के बीच खूनी संघर्ष भी हो चुके हैं। तन्हाई बैरक बंद है।

यह भी पढ़ें: जेल में गड्ढे में दबे मिले वाई-फाई राउटर, दस मोबाइल फोन थे कनेक्ट, बीमारी के बहाने कैदियों की मौज

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True of Baghpat Jail and Mobile phones and modems have been recovered from the prisoners
बागपत जेल - फोटो : self

बिजली के बोर्ड में छिपाया गया था मोबाइल
मेरठ कमिश्नर अनिता सी मेश्राम एवं आईजी आलोक सिंह, डीएम शकुंतला गौतम, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने जिला कारागार में छापा लगाकर मोबाइल, वाईफाई पकड़े थे। बिजली के बोर्ड से मोबाइल बरामद हुआ था। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के गड्ढे से वाईफाई मिला था। दो घंटे तक जेल में सर्च अभियान चलाया गया था। कमिश्नर ने डीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

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True of Baghpat Jail and Mobile phones and modems have been recovered from the prisoners
बागपत जिला जेल - फोटो : अमर उजाला

विक्की सुन्हैड़ा की बैरक नहीं बता पाए अधिकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की सक्रियता की भी पोल खुल गई है। मंगलवार को कमिश्नर व आईजी के निरीक्षण में जेल की कई कमियां पकड़ी गई थी। जेल के अधिकारी यह तक नहीं बता पाए कि विक्की सुन्हैडा कौन सी बैरक में है। कमिश्नर और आईजी के कई सवालों के जवाब तक नहीं दे पाए थे।

यह भी पढ़ें: कब सुधरेंगे इस जेल के हालात? निरीक्षण में मिले वाईफाई मॉडम-पेन ड्राइव, यहीं हुई थी डॉन की हत्या

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