मेरठ के शास्त्रीनगर में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपी विकास, उदयवीर और सचिन को छह साल नौ महीने बाद न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बताया गया कि एलआईसी से सेवानिवृत अधिकारी चंद्रशेखर और उनकी पत्नी पूनम घर में देह व्यापार चला रहे थे। एक युवती का प्रेमी उनके घर अपने दो साथियों के साथ पहुंचा था। उन्होंने युवती और दंपती की हत्या की थी। इस तिहरे हत्याकांड के मामले में 25 पुलिसकर्मी, डॉक्टरों के बयान दर्ज हुए। 13 लोगों ने गवाही दी।
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Triple Murder: जमीन पर दंपती के शव, बेड पर थी युवती की खून से लथपथ लाश, मंजर याद कर कांप जाती है लोगों की रूह
Thu, 23 Mar 2023 02:19 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 23 Mar 2023 02:19 PM IST
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मृतका रिया का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी उदयवीर
- फोटो : अमर उजाला
घटना वाले दिन रिया के प्रेमी विकास निवासी माधवपुरम ने दोस्त उदयवीर को ग्राहक बनाकर चंद्रशेखर के घर भेजा। उदयवीर ने 100 रुपये देकर मकानमालिक चंद्रशेखर को आपत्तिजनक सामान खरीदने मेडिकल स्टोर भेज दिया।
चंद्रशेखर के बाहर जाने के दौरान विकास और उसका साथी सचिन चंद्रशेखर के घर पहुंचे। तीनों ने मिलकर पहले रिया और फिर पूनम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। करीब 10 मिनट बाद चंद्रशेखर लौटे तो उसको भी तीनों ने चाकू से मार डाला। तिहरे हत्याकांड की सूचना पर तत्कालीन आईजी जोन सुजीत पांडेय, डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी जे. रविंदर गौड़ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। हालात देखते हुए शास्त्रीनगर में सेना लगानी पड़ी थी।
चंद्रशेखर के बाहर जाने के दौरान विकास और उसका साथी सचिन चंद्रशेखर के घर पहुंचे। तीनों ने मिलकर पहले रिया और फिर पूनम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। करीब 10 मिनट बाद चंद्रशेखर लौटे तो उसको भी तीनों ने चाकू से मार डाला। तिहरे हत्याकांड की सूचना पर तत्कालीन आईजी जोन सुजीत पांडेय, डीआईजी लक्ष्मी सिंह और एसएसपी जे. रविंदर गौड़ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। हालात देखते हुए शास्त्रीनगर में सेना लगानी पड़ी थी।
मेरठ पुलिस
इस मामले में जिला जज रजत सिंह जैन की अदालत में सुनवाई चल रही थी। सरकारी अधिवक्ता सर्वेश शर्मा और पदम सिंह ने बताया कि चंद्रशेखर के भांजे मनीष ने मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पता चला कि विकास उर्फ विक्की की रिया से दोस्ती थी। बाद में विकास को पता चला कि रिया गलत काम करती है।
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meerut murder
- फोटो : अमर उजाला
विकास ने उदयवीर को चंद्रशेखर के घर पर भेजा। तीनों की हत्या के बाद चंद्रशेखर के घर से एलसीडी और रिया की स्कूटी आरोपी ले गए थे। 24 जून 2016 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया था। मामले में सरकारी वकील पदम सिंह ने 13 गवाह अदालत में प्रस्तुत किए। उनकी गवाही और पत्रावली पर उपस्थित साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई गई।
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आरोपी सचिन व विकास
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पुलिस की दस टीमों ने घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। वारदात के बाद तीनों आरोपी हरिद्वार चले गए थे। वहां घेराबंदी हुई तो हिमाचल भागने की फिराक में थे। तत्कालीन एसओजी प्रभारी संजीव यादव और उनकी टीम ने आरोपियों को दबोचा था।