उस काले दिन को मृतकों के पीड़ित परिजन कभी भूल नहीं पाते हैं। एक बार फिर से उनके जख्म ताजा हो गए हैं। तीनों युवकों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हाजी इजलाल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस मामले में इजलाल समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
मेरठ ट्रिपल मर्डर केस: ताजा हुए जख्म, वो काला दिन कभी भूल नहीं पाएंगे परिजन, रूह कंपाने वाली थी ये वारदात
ये बनाए गए थे आरोपी
इस तिहरे हत्याकांड में इजलाल, अफजाल, मेहराज, इसरार, कल्लू उर्फ कलवा, कालू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरूदीन, परवेज, इजहार, शीबा सिरोही, माजिद, शम्मी को नामजद किया गया था। बाद में इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी। परवेज नाबालिग था, इसलिए इसका मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है। एक आरोपी माजिद की मौत हो चुकी है।
बता दें कि हत्यारोपी में रिजवान, मेहराज, सीम, शीबा सिरोही और बदरूदीन जमानत पर हैं। बाकी सभी आरोपी जेल में हैं। अब मुख्य आरोपी हाजी इजलाल को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
पुलिस की जांच में सामने आई थी ये बड़ी बात
पुलिस की जांच-पड़ताल में सामने आया था कि मेरठ कॉलेज की एक युवती की मोहब्बत को लेकर इजलाल ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। जिसको लेकर मेरठ और बागपत में जनाक्रोश भी हुआ था। तभी से मुख्य आरोपी हाजी इजलाल जेल में बंद था।
शीबा सिरोही से थी इजलाल की दोस्ती
पुलिस के मुताबिक, हाजी इजलाल की दोस्ती शीबा सिरोही से हुई थी। इस पर सुनील ढाका, पुनीत गिरी और सुधीर ने आपत्ति जता दी है। इजलाल ने शीबा से सेटिंग कर तीनों युवक अपने घर गुदड़ी बाजार बुला लिए। जहां आरोपियों ने तीनों की हत्या कर दी। युवकों को गोली मारी, छुरे से काटा और फिर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
पीड़ित परिवार कर रहा इंसाफ की मांग
पीड़ित परिवार की ओर से लगातार आरोपी को सजा दिलाने के लिए गवाही कराई जा रही थी। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 12 साल से अधिक जेल में बंद बंदियों को जमानत देने की बात कही गई थी। इसी आधार पर मुख्य आरोपी इजलाल के अधिवक्ता ने दो महीने पहले जमानत की अर्जी हाईकोर्ट में लगाई थी।