आते ही बेटी कैरा को गोद में उठाकर चूमने लगते। सबसे बातें करते-करते घंटों लगाते। हर एक की पसंद का कुछ न कुछ लेकर आते। तिरंगे में लिपटकर आए तो सात मिनट में चले गए... तुम ऐसे तो न थे केतन। तुम ऐसे न थे... मेजर केतन शर्मा मंगलवार को घर से अंतिम सफर पर निकले तो पत्नी ईरा फफकते हुए सबसे यही सवाल पूछती रहीं। कहती रहीं कि इतनी जल्दी तो इन्होंने कभी नहीं दिखाई थी। आज आए भी और सबको रुलाकर चले गए।
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विलाप करती शहीद मेजर केतन शर्मा की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर आरवीसी से सेना की गाड़ी में दोपहर 2:20 बजे उनके आवास पर लाया गया। जनसैलाब उमड़ा हुआ था। घर की महिलाएं गेट के बाहर आ गईं। 10 मिनट के लिए उनके पार्थिव शरीर को गेट के बाहर रखा गया। सेना के अधिकारियों ने परिजनों से पुष्प चक्र अर्पित कराए।
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विलाप करती शहीद मेजर केतन शर्मा की पत्नी
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रोते-बिलखते परिजनों ने अंतिम बार घर की देहरी पर लाने की बात कही तो सेना के जवान पार्थिव शरीर को भीतर ले गए। महज सात मिनट बाद ही उनका अंतिम सफर शुरू हो गया। केतन शर्मा की जीवन संगिनी ईरा बदहवास थीं। गेट पर अपने रानू को जाते देख फफक पड़ीं।
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विलाप करती शहीद मेजर केतन शर्मा की पत्नी
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ईरा हर किसी से हाथ पकड़कर पूछने लगीं कि इस तरह तो इन्होंने कभी नहीं किया। ईरा की ये पुकार सुनकर मां भी फफकने लगीं। कहने लगीं कि मेरा रानू तो जब भी आता खूब समय देता। मम्मी कैसी हो? तबियत का क्या हाल? ये पूछता। आज तो वो सबको रुलाकर इतनी जल्दी चला गया।
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विलाप करती शहीद मेजर केतन शर्मा की पत्नी
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मेजर अंजलि तुमने भी नहीं बताया
मेजर केतन की बहन मेघा की शादी बठिंडा (पंजाब) में हुई है। मेघा के पति विशाल ने बताया कि दो दिन पहले ही बहन को मेसेज कर हालचाल पूछा था। 22 दिन की छुट्टी पर आने के दौरान वो अंबाला भी मिलने गए थे।