बाल विवाह, फिर सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण के बाद किशोरी की गला रेतकर बेरहमी से हत्या, चार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मेरठ निवासी 16 साल की किशोरी का करीब दो साल पहले बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति के साथ बाल विवाह कराया गया था। उस समय यह किशोरी भावनपुर थाना क्षेत्र में अपने मामा के घर गई थी।
किशोरी के पिता की मौत हो चुकी है। किशोरी के दादा ने थाना भावनपुर में दो लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने इसमें बाल विवाह अधिनियम की ही धारा शामिल की थी।
भावनपुर पुलिस नामजद आरोपी कल्लू और मोनू का सुराग नहीं लगा पाई। किशोरी वर्तमान में मेरठ के ही एक क्षेत्र में अपनी चाची के यहां रह रही थी। शनिवार रात किशोरी अपनी चाची के साथ गांव में ही धार्मिक कार्यक्रम में गई थी। कुछ देर में नींद आने की बात कहकर घर चली गई थी। लेकिन घर नहीं पहुंची।
चाचा ने उसकी ब्रह्मपुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रविवार शाम किशोरी का शव बिजली बंबा बाईपास स्थित गूमी गांव के रास्ते पर ईख के खेत में मिला। पुलिस के अनुसार किशोरी का गला और चेहरा खून से लथपथ मिला। इंस्पेक्टर परतापुर ने बताया कि किशोरी के चाचा ने लिसाड़ी निवासी मोनू, योगेश, विनय और शिवम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर के अनुसार नामजद मोनू मुख्य आरोपी है। मोनू ने ही 60 हजार कमीशन लेकर किशोरी की मां से मिलकर कल्लू से बाल विवाह कराया था। लेकिन मोटा कमीशन देने के बाद भी केस दर्ज होने के चलते तनातनी चल रही थी। पूछताछ में यही सामने आया कि मोनू ने अपने साथियों के साथ किशोरी की जंगल में ले जाकर हत्या की है। एसपी सिटी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चीजें साफ हो जाएंगी।