फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नवरात्र में बेटियों की किलकारी से गूंजा घर-आंगन तो दादी-नानी बोलीं- खुद पधारी हैं देवी मां

Mon, 07 Oct 2019 12:52 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 07 Oct 2019 12:52 PM IST
विज्ञापन
Saharanpur news, parents welcome daughter as a new born baby in navratri
child birth - फोटो : अमर उजाला

सहारनपुर में दुर्गा अष्टमी पर जिला महिला अस्पताल में कई बेटियां जन्मी हैं। खास यह नहीं है कि बेटियां जन्मी, बल्कि खास बात यह है कि बेटियों के जन्म पर परिवारों में वही खुशी है जो एक बेटे के जन्म पर होती है।



सबसे अधिक गौर करने वाली बात यह रही कि बहुओं की सास यानी नवजात बच्चियों की दादियां खुश हैं, जिन पर आरोप लगते हैं कि बेटियों के जन्म पर सबसे अधिक परेशान वही होती हैं। अमर उजाला की टीम ने जिला महिला अस्पताल में जन्मी बच्चियों के परिजनों से बात कर बेटियों के जन्म पर उनकी सोच को समझने का प्रयास किया। पेश है कुछ परिवारों से हुई बातचीत.. 


 
Saharanpur news, parents welcome daughter as a new born baby in navratri
child birth - फोटो : अमर उजाला

नकुड़ के गांव रामगढ़ निवासी शिवानी ने बेटी को जन्म दिया है। उसका यह पहला बच्चा है। बेटी के जन्म पर मां शिवानी से अधिक दादी खुश थीं, जो नवजात बच्ची को गोद में लिए बार-बार निहार रही थीं और कभी उसका मुंह चूम रही थीं। दादी ने बताया उसकी खुद की तीन बेटियां और एक बेटा है। पूरे खानदान के छह घरों में पहले से 11 बेटियां हैं। बच्ची के जन्म पर परिजनों के खुश होने से मां शिवानी की खुशी बढ़ी है। अब बेटा और बेटी में फर्क नहीं है।  

Saharanpur news, parents welcome daughter as a new born baby in navratri
child birth - फोटो : अमर उजाला

गंगोह निवासी पिंकी ने तीसरा बच्चा जन्मा है, जो बेटी है। जिला महिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती पिंकी के साथ सास कुसुम जच्चा और बच्चे की देखभाल करती मिली। कुसुम ने बताया कि पिंकी के पास पहले से दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। यह तीसरा बच्चा है। कुसुम का कहना है कि आज के दौर में लड़कों से अच्छी लड़कियां हैं। लड़कियां भी आज हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर काम कर नाम कमा रही हैं। वह बच्ची के अष्टमी पर जन्म लेने से बेहद हैं। उनका कहना है कि बेटी नहीं देवी आई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Saharanpur news, parents welcome daughter as a new born baby in navratri
child birth - फोटो : अमर उजाला

नागल क्षेत्र के गांव कपासी निवासी मोनिका की भी पहली डिलीवरी हुई है। उसने भी बेटी को जन्म दिया है। मोनिका के साथ वार्ड में पति मुकेश मिले। मुकेश बेटी के जन्म पर खासे उत्साहित हैं। यह उनका पहला बच्चा है। उन्होंने पहले से सोचा था कि बेटा हो या बेटी उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बस जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहने चाहिए। वह अपनी बेटी को खूब पढ़ाकर एक अच्छा इंसान बनाएंगे। 

विज्ञापन
Saharanpur news, parents welcome daughter as a new born baby in navratri
child birth - फोटो : अमर उजाला

बेहट के नौरंगपुर निवासी अंजीता भी जिला महिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्होंने दुर्गा अष्टमी पर बेटी को जन्म दिया है। उनका यह पहला बच्चा है। अंजीता के चेहरे पर बार-बार आ रही मुस्कान उसकी खुशी को बयां कर रही थी। अंजीता की मां यानी नवजात की नानी ओमी भी मिली। ओमी ने बताया कि अब लड़का और लड़की में कोई फर्क नहीं रह गया है। उनका कहना है कि बच्ची के पैदा होने से वह उतनी ही खुश हैं, जिनता बेटे के पैदा होने पर होती।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed