जीवन में शिक्षक का महत्व सबसे ऊपर होता है। वह एक व्यक्ति के चरित्र, क्षमता और भविष्य को संवारने का काम करता है। महान यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने कहा था कि जो लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं, वे उनके मुकाबले ज्यादा सम्मान के हकदार होते हैं, जो उन्हें पैदा करते हैं, क्योंकि माता-पिता सिर्फ बच्चों को जन्म देते हैं, जबकि शिक्षक उनको अच्छे से जीने का तरीका सिखाते हैं। मेरठ जिले में भी कुछ ऐसे शिक्षक हैं, जो छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। कोरोना काल में भी उन्होंने किसी न किसी माध्यम से छात्रों तक ज्ञान पहुंचाया है। आज (5 सितंबर) शिक्षक दिवस के मौके पर हम ऐसे शिक्षकों से आपको रूबरू करा रहे हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के क्षेत्र में लगा दिया...
शिक्षक दिवस पर विशेष: अपने वेतन और मेहनत से बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर, कोरोना काल में भी ऐसे बांटा ज्ञान
कोरोना काल में भी शिक्षक किसी न किसी माध्यम से बांट रहे ज्ञान
केके इंटर कॉलेज के वाणिज्य शिक्षक विवेक विश्नोई और हिंदी के शिक्षक मनीष सिंह। विवेक विश्नोई ने विद्यालय में सबसे पहले यूट्यूब चैनल से शिक्षण कार्य शुरू किया था। इनके चैनल पर करीब 70 वीडियो अपलोड हैं। इसके अलावा छात्रों की प्रतिभा को उभारने के लिए समय-समय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता भी करवाते रहते हैं। वर्तमान में ऑनलाइन टैलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें छात्र नृत्य, गायन, आविष्कार, सामाजिक संदेश की वीडियो भेज रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने कॅरियर काउंसिलिंग से संबंधित वीडियो भी अपलोड किए हैं।
मनीष सिंह ने हिंदी के लेक्चर सरल भाषा में अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए हैं। प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स भी इनके वीडियोज को काफी पसंद कर रहे हैं। दोनों शिक्षकों का कहना है कि कोरोना के इस दौर में भी शिक्षा रुकनी नहीं चाहिए बस वह इसी कोशिश में लगे हुए हैं।
अपने वेतन और मेहनत से बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर
हमेशा मेहनत से मिली सफलता
प्राथमिक विद्यालय भूड़बराल एक की प्रधानाध्यापिका सारिका गोयल को इस बार राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 2006 से वह बेसिक शिक्षा विभाग में हैं। वह बताती हैं कि अपने वेतन से भी बच्चों की किताबें, ड्रेस दिलाई। बच्चों के परिवार के सदस्यों से मोबाइल पर लगातार बात करती हैं। उन्होंने हमेशा शिक्षकों का यह वाक्य आदर्श माना कि ‘आप पढ़ते रहिए और पढ़ाते रहिए’ सफलता जरूर मिलेगी।
पढ़ाई की ललक की पैदा
प्राथमिक विद्यालय कमालपुर (अंग्रेजी माध्यम) की सहायक अध्यापिका यतिका पुंडीर को वर्ष 2019 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह बताती हैं कि विद्यालय में अपने प्रयासों से वर्ष 2012 से स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है। 2012 से ही इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जरूरतमंद बच्चों को किताब-कापियां, स्टेशनरी समेत अन्य मदद भी की जाती है।