पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर महिला नेता सुषमा स्वराज का सहारनपुर से गहरा नाता था। वह पहली बार 1991 में सहारनपुर शहर में आई थीं और भगत सिंह चौक पर जनसभा की थी। उनकी खास बात यह थी कि जिससे एक बार मिलती थीं, वह उनके विचारों से इतना प्रभावित होता था कि कभी भूल नहीं पाता था।
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सहारनपुर आई थीं सुषमा स्वराज
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से हर कोई गमजदा है। वह सहारनपुर के नजदीक ही हरियाणा के जनपद अंबाला की रहने वाली थीं। इस कारण उन्हें सहारनपुर से खास लगाव था। सुषमा स्वराज वर्ष 1991 में पहली बार सहारनपुर चुनाव प्रचार करने के लिए आई थीं, तब सहारनपुर नगर से पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे।
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पूर्व विधायक लाज कृष्ण गांधी बताते हैं कि सुषमा स्वराज की खास बात यह थी कि तब वह जिस-जिस से मिली थीं तो उनको हमेशा के लिए अपना बना लिया था। उसके बाद से लाल कृष्ण गांधी सहित अनेक भाजपाइयों का उनका सीधा संपर्क रहा है।
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सहारनपुर आई थीं सुषमा स्वराज
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इसके बाद भी सुषमा स्वराज का कई बार सहारनपुर आना जाना लगा रहा। उन्होंने बेहट, गंगोह, नकुड़ और शहर में कई बार सभाएं की हैं। भाजपा महानगर प्रचार प्रसार समिति के संयोजक महेंद्र सचदेवा का कहना है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव में सुषमा स्वराज सहारनपुर नहीं आ पाईं, लेकिन इससे पूर्व वह अनेक बार सहारनपुर आईं हैं। अंबाला नजदीक होने की वजह से सड़क के रास्ते से भी वह कई बार सहारनपुर होते हुए अन्य जनपदों को गईं हैं।
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वहीं, 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान सहारनपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी नकली सिंह के समर्थन में सुषमा स्वराज ने सहारनपुर के जुबली पार्क में चुनावी जनसभा की थी। उस समय भाजपा के नगर महामंत्री दिनेश सेठी रहे थे, जो अब उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं। दिनेश सेठी ने बताया कि सुषमा स्वराज जी के संबोधन से युवाओं में ऊर्जा का संचार हुआ था, जिस कारण चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।