मेरठ में मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल पंवार की होटल मालिक और भाजपा पार्षद द्वारा पिटाई किए जाने को लेकर सियासी खेमे और पुलिस महकमें में बराबर रोष रहा। हालांकि दोनों ही तरफ से कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। वहीं इस मामले में सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। थाने में जहां सत्ताधारी नेताओं ने धरना देकर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए कि दरोगा पर हाथ उठाने वाला कोई भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दरोगा की पिटाई का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर दिन भर इस घटना की चर्चाएं होती रहीं। जानें आखिर किन सवालों के जवाब ढूंढते रहे लोग:-
ड्यूटी छोड़कर महिला के साथ होटल कैसे पहुंच गए दरोगा जी
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आखिर ड्यूटी छोड़कर महिला के साथ होटल कैसे पहुंच गए, यह मामला दिन भर चर्चाओं में रहा। शुक्रवार रात जहां एसपी सिटी ने कहा था कि दरोगा की गलती है कि वह दशहरा मेले की ड्यूटी छोड़कर होटल में गए, जो गलत है। लेकिन शनिवार को नया मोड़ आ गया कि दरोगा थाने में रवानगी कराकर गए थे। इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक ने बताया कि परतापुर थाने में रोहटा रोड निवासी महिला ने दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पीड़िता लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थी कि मुल्जिम नहीं पकड़े जा रहे थे। शुक्रवार को भी महिला थाने में मिली थी और कार्रवाई की मांग की गई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुखपाल सिंह की ड्यूटी शुक्रवार शाम ढिंडाला गांव में दशहरा कार्यक्रम में लगी थी। सात बजे पुतला दहन हो गया था। जिसके बाद दरोगा थाने आए और शाम 7:30 बजे आमद कराई। उसके बाद दरोगा जीडी में रवानगी कराकर चले गए।
दरोगा के साथ मौजूद महिला आखिर कौन थी
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होटल प्रकरण में दरोगा सुखपाल सिंह के साथ होटल में मौजूद महिला ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वह अधिवक्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल्कुल गलत चल रही कि मैं नशे की हालत में थी। मैंने शराब का सेवन नहीं किया था। होटल मालिक ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की। महिला के अनुसार मेरा पति और ससुराल वालों से विवाद चल रहा है। अपने केस के संबंध में मैंने केस की जांच कर रहे विवेचक सुखपाल सिंह से बात की थी। होटल पहुंचने पर दरोगा ने खाना मंगाने के लिए वेटर को ऑर्डर दिया। लेकिन मैंने मना कर दिया कि मैं खाना नहीं खाऊंगी। इस पर मैने कॉफी के लिए वेटर को ऑडर्र दिया। खाना आ गया और खा भी लिया। उसके बाद भी कॉफी नहीं आयी। मैंने फिर से कहा तो वेटर ने अपने मालिक को बुला लिया।
विवाद कैसे शुरू हुआ
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जानकारी के मुताबिक ड्यूटी के चलते खाना नहीं खा पाने के कारण चौकी इंचार्ज होटल गए थे। वहीं पर महिला भी थी। जिसके बाद होटल में विवाद हुआ था। दरोगा ने मारपीट होने की जानकारी फोन पर दी थी। महिला ने होटल के वेटर को ऑर्डर दिया। पांच मिनट तक प्लेट नहीं लगी तो महिला ने नाराजगी जताई। उसके बाद दरोगा ने भी वेटर को फटकार दिया। महिला होटल के कर्मचारी से गालीगलौज करती रही। होटल मालिक मनीष पंवार मैनेजर के साथ पहुंचा तो दरोगा से कहा सुनी हो गई। दरोगा ने होटल मालिक से कहा कि अपने पापा से पूछो कि मैं कौन हूं। इस बात को लेकर दरोगा और मनीष में झड़प होनी शुरू हो गई। इसी बीच महिला का मोबाइल एक वेटर छीन लेता है। जिसके बाद महिला ने क्रॉकरी उठाकर फेंकनी शुरू कर दी। महिला होटल मालिक और वीडियो बना रहे होटल कर्मी से गालीगलौज करते हुए भिड़ने लगी।
पहले किसने हाथ उठाया
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इस कदर गर्मागर्मी हो गई कि होटल मालिक मनीष ने साथी कर्मचारी से कहा कि वीडियो बना और खुद पुलिस को बुलाने के लिए फोन करने लगा। उस समय होटल के सभी गेट होटल मालिक ने बंद करा दिए थे। होटल मालिक भी गाली देने लगा। इस बीच मनीष ने दरोगा पर पहले सीधे हाथ से चार थप्पड़ जड़ दिए, उसके बाद से दूसरे हाथ से दोबारा खींचकर पांचवां थप्पड़ दरोगा को मारा। इस बीच होटल के अन्य कर्मचारी ने वर्दी खींची और दरोगा लड़खड़ाता हुआ जमीन पर जा गिरा। यहां भी होटल मालिक ने गालीगलौज की। महिला को गाली देते हुए उसकी तरफ एक कर्मचारी दौड़ा और महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ने मोबाइल मांगते हुए गेट खोलने को कहा। लेकिन गेट नहीं खोला। वहीं होटल मालिक के साथी आए तो दरोगा भी भिड़ गया।