UP: वेस्ट यूपी की इन तस्वीरों में देखें हड़ताल का असर, अफसरों ने बिजलीघरों पर लगाए ताले,परेशानी में हजारों लोग
बिजनौर जिले में 70 बिजलीघर बंद
बिजनौर में विद्युत कर्मचारी व अधिकारियों के सांकेतिक हड़ताल पर होने से जनपद की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरने लगी है। हड़ताल के चलते बिजनौर सर्किल में 30 और धामपुर सर्किल में 40 यानी करीब 70 बिजलीघर बंद हो गए। प्रशासन के निर्देश पर कई बिजलीघरों का चार्ज अन्य कर्मचारियों ने ले लिया। कई पर चार्ज नहीं लेने पर बिजलीघर पर तैनात ऑपरेटर बिजलीघर की आपूर्ति बंद कर आंदोलन में शामिल होने बिजनौर पहुंचे।
संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर कर्मचारी, लिपिक और अधिकारी एकत्र हुए और प्रदर्शन कर धरना देकर बैठ गए। आंदोलन कर्मचारी गत बृहस्पतिवार रात 10 बजे से 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए।
ग्रामीण अंचल में तकनीकी कमी आने के कारण कई बिजलीघरों के फीडर की सप्लाई बंद हो गई। बीती रात ट्रक की टक्कर से खंभा टूटने पर आधे शहर की आपूर्ति बाधित रही। करीब 12 बजे आपूर्ति बहाल हुई। नजीबाबाद, नगीना, चंदक, धामपुर, खंडशाल आदि बिजलीघर बंद हो गए हैं।
प्रशासन की ओर बिजलीघरों पर अन्य विभागों के कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। संगठन के आह्वान पर बिजलीघरों पर तैनात बिजलीघर ऑपरेटर आपूर्ति बंद कर धरने पर पहुंच रहे हैं। एसएसओ को कार्यमुक्त करने वाले सुबह 10 बजे तक बिजलीघर पर नहीं पहुंचे, वहां एसएसओ बिजलीघर बंद कर चाबी जमा कर रहे हैं।
उपभोक्ता परेशान, राजस्व वसूली भी प्रभावित
हड़ताल के चलते उपभोक्ता भी परेशान है और विभाग की राजस्व वसूली भी प्रभावित हो रही है। घर व प्रतिष्ठान की आपूर्ति बंद होने पर उसे सही कराने को उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं मार्च माह में राजस्व वसूली बंद होने से विभाग को काफी नुकसान हो रहा है।
बिजली उपकेंद्रों पर पुलिस तैनात, अंधेरे में 60 गांव
शामली में विद्युत कर्मचारियों व अधिकारियों के 72 घंटे के लिए हड़ताल पर चले जाने के कारण बिजलीघरों पर ताले लटके हैं। रात्रि में हुए ब्रेकडाउन के बाद से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को बिजली-पानी की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदेशभर में विद्युत कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। विद्युत कर्मचारियों व अधिकारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए, विद्युत कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बिजली सुविधा रियायती दर मिले। विद्युत निगमों का एकीकरण सहित तमाम मांगों पर अड़े है। जिसकी वजह से चौसाना विद्युत उपकेंद्र, शामली-शामला बिजली घर, खेड़ी खुशनाम, दथेड़ा व टोडा उपकेंद्र सहित बिजली उपकेंद्रों पर आपूर्ति बाधित रही।
चौसाना के पांच उपकेंद्रों पर आपूर्ति बाधित होने से क्षेत्र के करीब 60 गावों में अंधेरा पसरा है। ग्रामीणों ने बताया कि रात्रि नौ बजे शामली-शामला में ब्रेकडाउन के कारण कट हुआ था, जिसके बाद से आपूर्ति नहीं आई। आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को बिजली-पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं प्रशासन ने एहतियातन समस्त उप-केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की है।
मुजफ्फरनगर में बिजलीघरों पर लटका ताला
मुजफ्फरनगर में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने लगी है। जानसठ कस्बे की आपूर्ति बृहस्पतिवार रात दो बजे से बाधित है। तिसंग गांव के पास लाइन में फॉल्ट से आपूर्ति बाधित है। बिजलीघर पर ताला लटका हुआ है। उधर, शाहपुर कस्बे की बिजली आपूर्ति सुबह छह बजे से बाधित है। वहीं बिजली कर्मचारी नुमाइश मैदान के निकट बिजलीघर पर धरने पर बैठे हुए हैं।