जौहड़ी में शूटर दादी चंद्रो तोमर और प्रकाशो तोमर के घर में लोगों की भीड़ लगी है। कभी हीरोइन आती हैं और कभी गांव के लोग। शूटिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन कुछ ही महीने बाद बड़े पर्दे पर नजर आने जा रही शूटर दादियों ने सिनेमाघर में एक भी फिल्म नहीं देखी। हीरोइन का जिक्र छिड़ते ही हेमा मालिनी का नाम जरूर लेती हैं।
शूटर दादी ने सिनेमाघर में आज तक नहीं देखी एक भी फिल्म, अब खुद ही बड़े पर्दे पर आएंगी नजर
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शूटर दादी चंद्रो तोमर का जन्म मुजफ्फरनगर के मखमूलपुर और प्रकाशो तोमर का जन्म मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव में हुआ । जेठानी-देवरानी ने परिवार को संभाला। घर और खेत के कार्य खुद किए। जीवन संघर्ष में वह देश की लाखों लड़कियों की आइडियल भी बन गईं। असल में इसी संघर्ष को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए सांड की आंख नाम की फिल्म बनाई जा रही है, लेकिन शूटर दादियों की जिंदगी में कई दिलचस्प मोड़ हैं। उनके जीवन पर भले ही फिल्म बन रही हो, लेकिन उन्होंने कभी खुद सिनेमाघर में जाकर एक भी फिल्म नहीं देखी। चंद्रो तोमर कहती हैं कि कभी फिल्म नहीं देखी।
पहले गांव में टीवी ही कम थे, सिनेमा तो दूर की बात है। रामायण और महाभारत का सीरियल आने लगा तो लोगों का टीवी की तरफ रुझान बढ़ा। बाद में बच्चे बड़े हुए तो घर में टीवी पहुंचा और यहां उन्होंने जरूर फिल्मों के कुछ हिस्से देखे, लेकिन कभी ज्यादा दिलचस्पी नहीं रही। शूटर दादी प्रकाशो तोमर कहती हैं कि गांव की महिलाओं को सिनेमाघर तक जाने की फुर्सत और मौका ही कहां मिलते हैं। अब दौर बदल गया है, लेकिन उनके समय में ऐसी कल्पना भी नहीं करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिन नायिकाओं ने कभी सिनेमाघर नहीं देखा, अब उनके जीवन पर ही फिल्म का निर्माण शुरू हो चुका है।
शूटर दादी के परिवार के बचपन का सीन फिल्माया
शूटिंग में पहले दिन शूटर दादी चंद्रो तोमर के बेटे और बेटियों का सीन फिल्माया गया। इन बच्चों का चयन मेरठ और जौहड़ी गांव से ही किया। मेरठ के शारदा रोड की कीर्तिका, डिम्मी, भूपेंद्र, दिव्यांश और जौहड़ी के दिव्यांश कुमार का छत पर खेलते हुए सीन फिल्माया गया। फिल्म के गाने मुन्ना...मुन्ना में यह बच्चे खेलते हुए नजर आएंगे। इसके बाद शूटर दादी के परिवार में सबसे पहले निशानेबाजी सीखने वाली शेफाली तोमर के बचपन का किरदार निभा रही बाल कलाकार सारा अर्जुन पर कई शॉट फिल्माए गए। फिल्म के लिए बनाए सेट पर दिनभर बच्चों की आवाजाही रही।
शेफाली और सीमा भी सेट पर मौजूद रहीं
शूटर दादियों के अलावा फिल्म में शेफाली तोमर और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज सीमा तोमर की खास भूमिका होगी। दोनों सेट पर मौजूद रहीं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी यहां रहे। उधर, शूटिंग के दौरान किरदारों में ढलने के लिए हीरोइन गांव में ही रात को बिता सकती हैं। मेरठ से आने जाने में समय बर्बाद होने से रोकने के लिए माना जा रहा है कि अभिनेत्री तापसी पन्नू ने यह प्रस्ताव रखा था। इससे अभिनेत्रियों को शूटर दादी के निकट रहने और उनमें ढलने का मौका मिलेगा।