अमर उजाला पड़ताल: कागजों में सौभाग्यशाली हुए गांव, बल्लियों पर तारों का जाल, पोल खोलती ये तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव में घुसते ही मंदिर वाली गली का जायजा लिया गया तो यहां बसे दस परिवार 80 से 100 मीटर लंबे केबल के जरिये बिजली का इस्तेमाल करते मिले। ये केबल दीवारों और बांस के जरिये घरों तक पहुंच रहे हैं। विभाग ने यहां पर दो खंभे तो लगा दिए, लेकिन इन पर एबीसी केबल नहीं डाला। स्थानीय निवासी अजय ने बताया कि लंबे केबल में आए दिन फॉल्ट होता रहता है। बारिश में घरों में करंट उतरने का खतरा रहता है। खंभे लगाकर विभाग तार डालना भूल गया है। इससे परेशानी हो रही है।
गांव के दिनेश कुमार को बीपीएल कनेक्शन के साथ मिलने वाला होल्डर, सॉकिट और स्विच किट लगाकर एक एलईडी बल्ब तो दे दिया, लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। दिनेश ने बताया कि उनके यहां पहले की तरह कटिया से बिजली चल रही है। पिछले दो महीने से मीटर में कनेक्शन नहीं हुआ है।
गांव में अभी तक लोग मुख्य सड़क से बांस बल्लियों के सहारे केबल ले जाकर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। कई जगह खंभों पर डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड भी नहीं लगाए हैं। एबीसी केबल लाइन में लोगों को डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड से ही कनेक्शन दिए जाते हैं। सलाउद्दीन ने बताया कि विभाग ने पुराने तार हटाकर एबीसी केबल ही नहीं डाला। ओवरलोड होने के चलते तार लगातार टूटते रहते हैं।
कनेक्शनों की बंदरबांट
लक्ष्य को पूरा करने में विभाग ने ऐसे लोगों को कनेक्शन दे दिए जिनके पास पहले से थे। कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके यहां पहले से ही कनेक्शन था जिसका बिल भी वो देते हैं।
विभाग ने पुराने कनेक्शन को बगैर काटे ही बीपीएल का कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया। लेकिन इसे चालू नहीं किया। कई बार पुराने कनेक्शन को काटने के लिए अफसरों से कहा, लेकिन हर बार टरका दिया गया।
योजना में बीपीएल उपभोक्ताओं को फ्री कनेक्शन देने के साथ उन सभी स्थानों पर लाइन डाली गई है जहां घर तो बने थे, लेकिन लाइन नहीं थी। अगर कहीं गड़बड़ी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
-आशुतोष निरंजन, एमडी