सहारनपुर में बसेड़ा रेलवे फाटक के पास मंगलवार रात ट्रैक पर सीमेंट के खंभे रखकर उत्कल एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश की गई। ट्रेन खंभों को तोड़ती हुई निकल गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया, लेकिन ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने ट्रेन रोक कर इंजन की जांच की और अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर रेलवे एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर डॉग स्क्वाड और खुफिया विभाग की टीम भी जांच के लिए बुलाई गई।
उत्कल एक्सप्रेस को पलटाने की थी खतरनाक साजिश, तस्वीरें बयां कर रही सच्चाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली से हरिद्वार जा रही ट्रेन संख्या 18477 उत्कल एक्सप्रेस मंगलवार रात करीब आठ बजे जैसे ही नागल क्षेत्र के बसेड़ा रेलवे फाटक के पास करीब आठ सौ मीटर की दूरी पर पहुंची तभी ट्रेन को जोरदार झटका लगा, ट्रेन का इंजन ट्रैक पर रखे गए सीमेंट के दो खंभों को तोड़ता हुआ निकल गया। झटके लगने के बाद चालक ने ट्रेन को रोक लिया।
इस घटना से ट्रैक भी टूट गया। माना जा रहा है कि किसी ने साजिश के तहत ट्रैक पर खंभे रख दिए थे। चालक ने रेलवे कंट्रोल रूम को मामले की सूचना दी। रात में ही एसएसपी दिनेश कुमार, एसपी देहात विद्यासागर मिश्र, सीओ देवबंद सिद्धार्थ सिंह, आरपीएफ व रेलवे के अधिकारी और रेलवे स्टेशन मास्टर मौके पर पहुंचे। कुछ देर रुकने के बाद उत्कल एक्सप्रेस को रवाना कर दिया गया। इस संबंध में रेल पथ निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने नागल थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बुधवार सुबह डॉग स्क्वाड एवं खुफिया विभाग की टीम भी पहुंच गई। डॉग स्क्वाड कॉफी दूर तक घूमता रहा, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं पता चल सकी। खुफिया विभाग की टीम ने भी कई लोगों से पूछताछ की।
असामाजिक तत्वों ने रची साजिश
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने ट्रेन को पलटाने की साजिश रची है। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। नागल थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। रेलवे के अलावा पुलिस स्तर से भी जांच कराई जा रही है। ट्रैक की निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
दो घंटे बाधित रहा रेल मार्ग
घटना के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक की मरम्मत का कार्य कराया गया। ट्रैक की मरम्मत के चलते लगभग दो घंटे तक रेलवे यातायात बाधित रहा। इस दौरान अंबाला से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन लगभग दो घंटे नागल रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।