सहारनपुर के सरसावा के कौशिक विहार कॉलोनी की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। संग्रह अमीन के बेटे कार्तिक और देव भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें दोस्तों की स्टोरी और वीडियो में जिंदा हैं। सोशल मीडिया पर दर्द छलक रहा है। उसके दोस्त बार-बार पोस्ट कर भावुक हो रहे।
कार्तिक और देव के दोस्तों में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर लगातार उनके दोस्त इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए उन्हें याद कर रहे हैं। कोई पुरानी तस्वीर साझा कर रहा है तो कोई साथ बिताए गए पलों की वीडियो डालकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहा है।
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कार्तिक का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोस्तों की स्टोरी में हंसी, मुस्कान और साथ बिताए हर लम्हे की झलक साफ दिखाई दे रही है। कई दोस्तों ने वीडियो के साथ भावुक संदेश लिखे हैं। उसके दोस्त ने कार्तिक के लिए इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि मेरा भाई लाखों में एक था, तेरी खातिर तो जान भी देते कहता तो, क्यों चला गया। पोस्ट और स्टोरी में एक ही सवाल बार-बार उभर कर सामने आ रहा है, क्यों छोड़कर चला गया भाई।
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देव का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार जनवरी को इंस्टाग्राम पर की थी आखिरी पोस्ट
कार्तिक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर आखिरी पोस्ट चार जनवरी को की थी। उस पोस्ट में पहाड़ों में घूमते नजर आ रहा है। पोस्ट के साथ उसने पंजाबी गाना भी लगाया था। उधर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद कार्तिक के इंस्टाग्राम पर फालोअर्स भी लगातार बढ़ रहे हैं।
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सरसावा में पांच लोेगों की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिर छलका सांगाठेड़ा का दर्द, याद कर सिहर उठते हैं लोग
सरसावा कस्बे की कौशिक विहार कॉलोनी में हुई वारदात ने क्षेत्र को दहला दिया है। पति-पत्नी और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत की खबर जैसे ही फैली, लोगों के जेहन में 22 मार्च 2025 को सांगाठेड़ा गांव में हुए योगेश रोहिला परिवार के हत्याकांड की भयावह यादें ताजा हो गईं। पहले भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसमें अंदरूनी कलह से परिवार तबाह हो गए।
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सरसावा में पांच लोेगों की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बता दें, कि 22 मार्च 2025 को गांव सांगाठेड़ा में भाजपा नेता योगेश रोहिला ने लाइसेंसी पिस्टल से अपनी पत्नी नेहा(32 ), बेटी श्रद्धा(11), बेटे शिवांश(छह) और बेटे देवांश(पांच) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। आज भी सांगाठेड़ा में उसका घर और घेर बंद पड़े हैं।