मेरठ में नगर निगम की बोर्ड बैठक में सदन की गरिमा तार-तार हो गई। सफाई, पानी, विकास की समस्या लेकर टाउन हॉल पहुंचीं महिलाओं ने बैठक के दौरान सदन में घुसकर पथराव कर दिया। मंच पर रखी टेबल पलटने की कोशिश की। कर्मचारी और पार्षद भी आमने-सामने आ गए। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
बोर्ड बैठक की गरिमा तार-तार... सदन में घुसकर पथराव, नगरायुक्त पर फेंकी चूड़ियां, देखें तस्वीरें
वहीं पार्षदों ने स्वास्थ्य लिपिक समेत दो कर्मचारियों पर गालीगलौज का आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग की, जिस पर महापौर ने भी सहमति जताई। पौने चार घंटे तक हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार रोकनी पड़ी। महिला पार्षदों ने नगर आयुक्त पर चूड़ियां तक फेंकीं। हंगामे की भेंट चढ़ी बोर्ड बैठक को स्थगित करते हुए महापौर ने दो सितंबर को पुन: बैठक बुलाने की बात कही।
यह भी पढ़ें: मेरठ: निगम की बोर्ड बैठक में जबरदस्त हंगामा, पार्षद ने सदन में की आत्मदाह की कोशिश
जन समस्याओं पर चर्चा के लिए महापौर सुनीता वर्मा ने मंगलवार को टाउन हॉल के तिलक भवन में बोर्ड बैठक बुलाई थी। वंदे मातरम के साथ बैठक शुरू हुई। नगरायुक्त अरविंद कुमार चौरसिया की यह पहली बोर्ड बैठक थी।
वहीं समस्याएं लेकर पहुंची महिलाओं ने बोर्ड बैठक में मौजूद मेयर व पार्षदों से मिलकर अपनी समस्या का समाधान कराने की मांग की। जब महिलाएं सदन में प्रवेश कर गईं, तो कुछ पार्षदों ने कह दिया कि ये कर्मचारियों के बहकावे में अंदर आ गई हैं। इस पर हंगामा हो गया।
यह भी पढ़ें: मेरठ: निगम की बोर्ड बैठक में भिड़े भाजपा-बसपा पार्षद, वंदे मातरम से गूंजा सदन
पार्षदों ने आरोप लगाया कि सदन में मौजूद स्वास्थ्य लिपिक राजेश व लिपिक हरबीर ने उन्हें गाली दी है, दोनों को निलंबित किया जाए। महापौर ने भी पार्षदों की बात का समर्थन किया।