मेरठ: निगम की बोर्ड बैठक में जबरदस्त हंगामा, पार्षद ने सदन में की आत्मदाह की कोशिश
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मेरठ में नगर निगम अधिकारियों पर काम न करने का आरोप लगाते हुए एक पार्षद ने सदन में ही अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। पार्षद के इस कदम को देखकर महापौर और नगरायुक्त सहित निगम के सभी अधिकारियों के पसीने छूट गए। वहीं आनन-फानन में अन्य सभी पार्षदों ने साथी पार्षद को समझा बुझाकर शांत किया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सदन में आत्मदाह के प्रयास के तुरंत बाद ही राष्ट्रगान शुरू करके बोर्ड बैठक का समापन किया गया।
महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के संचालन में बुधवार को टाउन हॉल के तिलक हॉल में नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। बोर्ड बैठक सुबह 11 बजे वंदेमातरम से शुरू हुई। उसके बाद सभी पार्षदों ने सदन में अपने प्रस्ताव रखने शुरू कर दिए। इस बीच बसपा और भाजपा पार्षद अपने प्रस्ताव रखने को लेकर भिड़ते रहे।
शाम लगभग 4:45 बजे वार्ड 29 के पार्षद पवन चौधरी ने अपने प्रस्ताव रखने के लिए माइक संभाल लिया। पवन चौधरी ने कहा कि वार्ड में न तो सड़क और नालों का निर्माण किया जा रहा है और न सफाई हो रही है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। जनता दिन निकलते ही घर के बाहर हंगामा कर रही हैं। पार्षद को बुरा भला कहा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। जो प्रस्ताव बोर्ड में रखे जाते हैं उनपर पर भी कोई काम नहीं हो रहा है।
निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार टूटी पुलिया, नाली और सड़क बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षद के सवालों का जवाब देने के लिए चीफ इंजीनियर जितेन्द्र कैन ने अपनी बात कहनी ही शुरू की थी कि पार्षद ने उनके जवाब से असंतुष्टता जताते हुए सदन में ही आत्मदाह की चेतावनी दे डाली।
सदन में उपस्थित महापौर सुनीता वर्मा, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह आदि सहित निगम के अन्य अधिकारी व पार्षद साथी कुछ समझ पाते की, इससे पहले पार्षद पवन चौधरी ने अपनी जेब से केरोसिन की बोतल निकालकर अपने ऊपर उड़ेल ली। साथ ही आत्मदाह का प्रयास किया। पार्षद के इस कदम को देखकर सदन में भगदड़ मच गई।
वहीं महापौर, नगरायुक्त सहित सभी अधिकारी व पार्षदों के पसीने छूट गए। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गए। सभी पार्षदों ने समझा बुझाकर साथी पार्षद को शांत किया। उधर, महापौर के निर्देश पर आनन- फानन में राष्ट्रगान शुरू कर बैठक का समापन हुआ।
पार्षद पवन चौधरी का कहना है कि पार्षद बनने के बाद जनता और निगम अधिकारी बहुत बेइज्जती कर चुके हैं। अधिकारी सुनते नहीं, जनता गालियां देती हैं। ऐसी जिंदगी से तो मर जाना ही बेहतर है। पार्षद ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। पार्षदों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अब इज्जत बचाने के लिए हमने आत्मदाह की राह पकड़ी। अभी भी चुप बैठने वाला नहीं हूं। जनता की समस्याओं के लिए मैं भूख हड़ताल करूंगा। जनता के लिए जेल भी जाना पड़ा तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।
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