पवित्र रमजान माह में रोजेदारों की शंकाओं को घर बैठे दूर किया जाएगा। रोजे के दौरान आने वाली परेशानियों को दूर करने की जानकारी हेल्पलाइन, व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी के जरिए मुस्लिम विद्वान शरीयत के हिसाब से देंगे। जमीयत दावतुल मुस्लिमीन ने यह प्लान लागू करने की तैयारी कर ली है।
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दिनभर रोजा रखने के बाद शाम को इफ्तार करते रोजेदार।
- फोटो : फाइल
इस बार पहला रोजा छह या सात मई को हो सकता है। इन दिनों मौसम भी लगातार गर्म होता जा रहा है। ऐसे में भूलवश रोजे के दौरान रोजेदार कुछ गलतियां कर बैठते हैं। इसी को देखते हुए जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के नेतृत्व में मुस्लिम विद्वानों ने रोजेदारों की परेशानी और शंका दूर करने के लिए हेल्पलाइन, व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी जारी की है। इसके तहत वह पहले रोजे से ईद तक शरियत के हिसाब से रोजेदारों के सवालों के जवाब देंगे।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक और इमाम कारी इसहाक गोरा ने बताया कि रमजान रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है। इस पूरे महीने में मुसलमान भूखा-प्यासा रहकर रोजा रखता है। खुदा की इबादत में खुद को ज्यादा से ज्यादा मशगूल रखने की कोशिश करता है।
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रमजान माह में दुआ मांगते रोजेदार।
- फोटो : फाइल
रमजान में हर नेक काम 70 गुना अधिक सवाब मिलता है। मुसलमान अपने माल व दौलत की जकात निकलते हैं और ज्यादा से ज्यादा खैरात करते हैं। रोजेदारों को किसी तरह की दिक्कत न आएं, इसके लिए हेल्पलाइन चलाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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रमजान मुबारक
- फोटो : फाइल
पहले रोजे से हेल्पलाइन शुरू कर दी जाएगी। दूरभाष, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल के जरिए मौलाना कारी इसहाक गोरा के नेतृत्व में इमाम मुफ्ती अरशद गोरा, मुफ्ती जुल्फिकार कासमी, मुफ्ती शाकिर मजाहिरी और मौलाना दाऊद शरीयत के हिसाब से रोजेदारों के सवालों के जवाब देंगे।