नई-नई नौकरी, पहली सैलरी और रक्षाबंधन के पर्व के लिए युवा उत्साह में हैं। हर साल मम्मी-पापा के पैसे से उपहार देते थे, इस बार अपनी कमाई से राखी का गिफ्ट देंगे। अधिकांश युवाओं का ध्यान बहन की मनपसंद ड्रेस, ज्वैलरी पर है, तो बहनें भाई का पसंदीदा मोबाइल गिफ्ट करने की योजना बना चुकी हैं। युवाओं के लिए इस बार रक्षाबंधन का पर्व कुछ खास होगा।
नेहरू नगर निवासी ऋषभ पांडे की कॉपरेटिव बैंक में नौकरी लगी है। उनकी छोटी बहन अंशिका ने इस साल ही 12वीं पास कर कॉलेज में प्रवेश लिया है। एसएससी की तैयारी भी कर रही हैं। ऋषभ कहते हैं हर साल बहन को चॉकलेट देता था। लेकिन अब तो मैं जो चाहूंगा वो दे सकूंगा। कुछ दिन पहले उसने एक ड्रेस पसंद किया था, जिसे वो खरीद नहीं सकी। उसी ड्रेस को मैंने चुपचाप से खरीद लिया है जो उसे दूंगा।
कुजिन ई सर्विसेस में टीम लीडर के पद पर अपाइंट हुए शुभम शर्मा फूलबाग कालोनी में रहते हैं। उनकी छोटी बहन अदिति बीकॉम फाइनल में हैं। वह कहते हैं इस बार राखी पर मैं पहली बार अपनी सैलरी से बहन को कुछ दूंगा। उसे राखी वाले दिन ही शॉपिंग कराऊंगा। उसके बाद उसका फेवरेट पिज्जा भी खिलाऊंगा।
शास्त्रीनगर निवासी अखिलेश को 4 अगस्त को पहली सैलरी मिलेगी। उनकी दो छोटी बहनें हिमानी और तृप्ति हैं। बकौल अखिलेश बहुत उत्साहित हूं कि पहली सैलरी राखी के दो दिन पहले मिलेगी। पहली सैलरी है इसलिए मम्मी-पापा को भी कुछ देने का मन है। दोनों बहनों के लिए सेम ड्रेस लेकर घर आऊंगा। ड्रेस सिलेक्ट भी कर ली है। उन दोनों को सरप्राइज करूंगा।
गंगानगर निवासी हिमांशी पहली बार अपने बड़े भाई को खुद के पैसों से कोई गिफ्ट देंगी। हिमांशी ने हाल में ही नोएडा में ऑनग्राफ टेक्नॉलोजी में नौकरी ज्वाइन की है। वह क हती हैं मेरे केवल बड़ा भाई है। भइया राहुल खुद तीन सालों से जॉब में हैं। इसलिए मैं उन्हें कभी कुछ नहीं दे पाई। छोटी हूं इसलिए भी कुछ नहीं दे पाती। लेकिन इस बार मुझे पहला वेतन राखी पर मिलने वाला है, उससे मेरठ आकर भाई के डेनिम जींस लूंगी।