जिस समय मां अपने बेटे (राहुल) को कॉल कर रही थी, उस वक्त से कुछ ही देर पहले राहुल संसार छोड़ चुका था। आंखों के सामने राहुल का शव देखकर किसी की भी हिम्मत फोन उठाने की नहीं हुई। मां को जिंदगीभर का गम दे गया ये हादसा, अगली स्लाइडों में पढ़िए पूरा अपडेट-
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दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में हाईवे पर बुधवार रात को तेज रफ्तार रोडवेज बस से राहुल की मौत हो गई थी। जिस जगह हादसा हुआ वहां खून और पास में काला तेल पड़ा हुआ है। मोदीपुरम में निर्माणधीन ओवरब्रिज के बाहर निकलते सरियों और बस के आगे हिस्से में फोटोग्राफर राहुल का शव फंसा रहा। करीब 15 मिनट उसके शव को निकालने में लगे।
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राहुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सिवाया गांव निवासी दिनेश कुमार एक सामान्य परिवार से है। उनके तीन बेटे रविंद्र गुप्ता, राहुल गुप्ता (26) और मनीष गुप्ता है। राहुल पल्हैड़ा में फोटोग्राफी की दुकान करता था। मनीष गुप्ता कृषि विवि में कार्यरत है। राहुल रात में किसी का अर्जेंट फोटो लेकर बाइक से आ रहा था। मोदीपुरम में विशाल मेगा मार्ट के सामने उत्तराखंड डिपो की रोडवेज बस ने तेज गति व लापरवाही के चलते राहुल को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर परिजन पहुंच गए, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना राहुल की मां को नहीं दी। वह रातभर राहुल के सही होने की दुआ करती रही, लेकिन सुबह जब उसे मौत की सूचना मिली तो वह दहाड़ मारकर रोने लगीं और बेहोश हो गई।
वहीं बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम होने के बाद जब दोपहर में युवक का शव गांव लाया गया तो हर किसी की आंखें नम हो गई। गांव के ही श्मशान में करीब तीन बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई रविंद्र ने मुखाग्नि दी।