निर्भया के दरिंदों को फांसी पर लटकाने की तारीख 22 जनवरी निर्धारित होने के बाद मेरठ जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जब तक तिहाड़ जेल में दरिंदों को फांसी देने के लिए पवन नहीं जाता है तब तक वह निगरानी में रहेगा। मेरठ जेल प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। अगली स्लाइडों में पढ़िए और क्या है नया अपडेट-
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पवन जल्लाद
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में ब्रह्मपुरी के मोहल्ला भगवतपुरा निवासी पवन जल्लाद को निर्भया कांड के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए बुलाया गया है। जेल प्रशासन ने पवन जल्लाद की निगरानी बढ़ा दी है। प्रत्येक दिन पवन को जेल प्रशासन से आकर मिलना होगा। विशेष परिस्थिति में जेल प्रशासन पवन से फोन पर भी संपर्क में रह सकता है।
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पवन जल्लाद
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वहीं बृहस्पतिवार को जेल प्रशासन ने पवन को आवश्यक निर्देश दिए। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने काफी देर पवन से बात भी की। जब तक तिहाड़ जेल प्रशासन पवन को लेने नहीं आता तब तक पवन मेरठ जेल प्रशासन के संपर्क में रहेगा।
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पवन जल्लाद ने निर्भया के दोषियों को फांसी देने की इच्छा जाहिर की
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साथ रहने का दिया प्रस्ताव
सूत्रों की मानें तो जेल प्रशासन ने पवन को साथ रहने का भी प्रस्ताव दिया है। जेल प्रशासन का कहना था कि जब तक वह तिहाड़ जेल नहीं जाता तब तक वह जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित जगह पर रह सकता है। पवन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जानकारी दी कि 22 तारीख को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं। इस काम के लिए वह शारीरिक व दिमागी तौर पर पूरी तरह तैयार है।
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निर्भया के दोषियों को होगी फांसी
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जेल के अंदर भी चर्चा
चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में वर्तमान में लगभग 2650 बंदी मौजूद हैं। इनमें महिला बंदियों की संख्या 150 के लगभग है। करीब 200 बड़े अपराधी जेल में सजा काट रहे हैं। निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाने के बाद मेरठ जेल में गंभीर अपराधों में बंद बंदियों में भी हलचल बढ़ी है।