शहादत को सलाम: लाडले के शव से लिपटकर बिलख पड़ी 'मां', गश खाकर गिरा भाई, नहीं थमे बहन के आंसू
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शहीद के पिता शीशपाल, भाई प्रशांत और बहन प्रिया उर्फ प्रियंका का भी रो-रोकर बुरा हाल था। चचेरा भाई विक्की शर्मा गश खाकर गिर पड़ा। मेरठ के अरनावली से आई आंचल भी प्रशांत के शव को देखकर फफक पड़ी। परिजनों ने उसे संभाला। प्रशांत और आंचल की शादी छह दिसंबर को होनी थी।
खांजापुर में प्रशांत शर्मा का शव सैनिकों की मौजूदगी में घर पर पहुंचा। परिजन अपने लाडले को आखिरी बार देखने के लिए ताबूत के निकट पहुंचे तो भीड़ ने चारों तरफ से घेर रखा था। मां रीता देवी ने बेटे के शव को देखा तो वह फफक-फफक कर रो पड़ी। मां बोली, बेटा तुझे तो शादी के लिए आना था, तू पहले कैसे आ गया। मैंने तेरे लिए क्या सपने नहीं सजाए थे। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था।
मेरठ से प्रशांत के पार्थिव शरीर के साथ जाट रेजीमेंट के ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौड़ व कर्नल सतवीर सतवालेकर शहीद के घर पहुंचे।तिरंगे में लिपटा शहीद का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सेना के अफसरों ने शहीद के पिता शीशपाल को सेना की ओर से दिया गया शोक संदेश और तिरंगा झंडा सौंपा।
पुलवामा से पहुंचे शहीद प्रशांत शर्मा की 50 आरआर बटालियन से सूबेदार जयप्रकाश गगन और जवान अंकित चौहान ने शहीद के परिवार को प्रशांत शर्मा की शौर्यगाथा की जानकारी दी।
अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव देह काली नदी स्थित आत्मबोध श्मशान घाट पहुंचने पर सेना के अफसरों ने उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर अंतिम विदाई दी।