जम्मू विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर (45) पुत्र दान सिंह की मौत को उनकी पत्नी डॉ. नीता ने साजिश के तहत हत्या बताया है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर एचओडी बनने वाले थे, जो मौजूदा एचओडी आरती बख्शी को पसंद नहीं था। इसकी उच्च स्तरीय जांच करा सबको सजा मिलनी चाहिए।
Professor death case: पत्नी बोलीं- खुदकुशी नहीं कर सकते चंद्रशेखर, उनकी हत्या हुई, उठाए ये बड़े सवाल
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की मौत के मामले में कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्नी डॉ. नीता का कहना है कि साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है।
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कुछ समय पहले एचओडी ने हस्ताक्षर के लिए ही उन्हें घंटों इंतजार कराया गया। जिस विभाग में 15 साल सेवाएं दीं, उसी विभाग की एचओडी उनसे कहती हैं कि हस्ताक्षर कराने के लिए पहचान पत्र दिखाओ। छोटे-छोटे अवसरों पर उनको नीचा दिखाने की कोशिश की जाती थी।’ मुरादनगर के जलालपुर गांव निवासी अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उनका भतीजा डॉ. चंद्रशेखर आत्महत्या नहीं कर सकता है, उसके खिलाफ कोई साजिश की गई है।
...तब एचओडी से तंग आकर दे दिया था इस्तीफा
डॉ. नीता का कहना है कि एचओडी आरती बख्शी से तंग आकर चंद्रशेखर ने एक बार इस्तीफा तक दे दिया था। तब वीसी ने इस्तीफा फाड़ते हुए कहा था, ‘ऐसी छोटी-मोटी बातों को लेकर इस्तीफा नहीं देते।’
आरती के रिटायर होने के समय ही आरोप क्यों
डॉ. नीता का कहना है कि मनोविज्ञान विभाग की एचओडी आरती बख्शी इसी महीने 22 सितंबर को रिटायर होने वाली हैं। चंद्रशेखर एचओडी न बनें इसलिए साजिश के तहत उन पर 22 छात्राओं से यौन उत्पीड़न के आरोप लगवाए गए।
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एक तरफ बर्थडे सेलिब्रेशन, दूसरी ओर फंदा
डॉ. नीता का कहना है कि 4:30 बजे उन्होंने बताया था कि आरती मैडम का बर्थडे सेलिब्रेट हो रहा है। चंद्रशेखर को आधे घंटे में निलंबित करने का पत्र मिलता है। ये कैसे संभव है कि इसी आधे घंटे में वो रस्सी भी लाते हैं, फंदे पर लटक जाते हैं।
15 मिनट तक देखते रहे, फंदे से किसी ने नहीं उतारा
चंद्रशेखर के भाई विनोद कुमार एडवोकेट ने कहा कि विवि के लोगों ने दरवाजा तोड़ने के बाद 15 मिनट तक उनको फंदे से उतारा तक नहीं। किसी पर भी आरोप लगाने पर उसका पक्ष सुना जाता है। चंद्रशेखर को मौका तक नहीं दिया गया।
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गठित की जा सकती है एसआईटी
इस मामले में 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर एसआईटी का गठन किया जा सकता है। जांच के आधार पर धारा भी बदली जा सकती है। - चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू
मामले को दबा रहे
साजिश के तहत ऐसा किया गया है। जाति के आधार पर भी डॉ. चंद्रशेखर को तंग किया जाता था। विवि प्रशासन मामले को दबा रहा है। एसआईटी का गठन होना चाहिए। - पवन कुंडल, एडवोकेट