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चार साल के अब्दुल्ला की हत्या के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही, जागती तो बच सकती थी मासूम की जान

Wed, 04 Dec 2019 06:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 04 Dec 2019 06:12 PM IST
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Police negligence in the murder of four-year-old Abdullah in meerut
murder - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के लिसाड़ीगेट में चार साल के मासूम अब्दुल्ला की हत्या में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। परिजनों ने लिसाड़ी गेट थाने में 26 नवंबर को बच्चे के अपहरण का केस दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई।



परिजन थाने में चिल्लाकर बच्चे के साथ अनहोनी होने का अंदेशा जताते रहे। लेकिन पुलिस नहीं जागी। परिजनों के हंगामा करने पर शनिवार को पुलिस ने बेगमपुल के एक तांत्रिक समेत तीन लोग हिरासत में लिए। लेकिन तब तक बच्चे की हत्या कर शव नाले में फेंका जा चुका था। आगे स्लाइड्स में जानें आखिर कैसे पुलिस ने इस मामले में नहीं दिखाई जरा भी गंभीरता: -

Police negligence in the murder of four-year-old Abdullah in meerut
murder - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार को मासूम अब्दुल्ला का शव अहमदनगर की गली नंबर-9 के नाले से बरामद हुआ तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस अपहरण की सूचना देने के बाद ही जाग जाती तो अब्दुल्ला की जान बच सकती थी। उन्हें पूरा अंदेशा है कि तंत्र मंत्र के लिए बच्चे की हत्या की गई और फिर शव को नाले में फेंक दिया गया। 


 
Police negligence in the murder of four-year-old Abdullah in meerut

परिजनों के ही भरोसे रही पुलिस
परिजन पुलिस से बच्चे को सकुशल बरामद करने की गुहार लगाते रहे। लेकिन पुलिस खुद कोई सुराग लगाने के बजाय बच्चे के परिजनों के ही भरोसे रही। परिजनों के अनुसार उन्होंने 24 नवंबर को ही अब्दुल्ला के साथ अनहोनी होने का अंदेशा जता दिया था। लेकिन पुलिस ने दो दिन बाद मुकदमा लिखा। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। 

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Police negligence in the murder of four-year-old Abdullah in meerut
murder - फोटो : अमर उजाला

परिजनों के अनुसार हम बच्चे की बरामदगी की लगातार मांग कर रहे थे। शनिवार को काफी हंगामा करने पर पुलिस ने दुकानदार जमील को हिरासत में लिया। लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। बुआ जीनत के बेटे जिल्लू रहमान ने पूछने पर बेगमपुल के एक तांत्रिक का नाम बताया और कहा कि तांत्रिक ही बच्चे के बारे में बता सकता है। हमने पुलिस को बताया। पुलिस ने जिल्लू को भी हिरासत में ले लिया। लेकिन तांत्रिक की खोजबीन नहीं की।

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Police negligence in the murder of four-year-old Abdullah in meerut
murder - फोटो : अमर उजाला

भीड़ ने बुआ को धुना
मंगलवार दोपहर जब बच्चे का शव नाले से मिला तो बच्चे के परिजनों से पहले बुआ जीनत मौके पर पहुंची थी। इस दौरान भीड़ ने पुलिस के सामने ही कहा कि बच्चे की हत्या तंत्रमंत्र के चलते की गई है और पुलिस की मौजूदगी में ही बुआ की पिटाई कर दी। किसी तरह महिला को पुलिस ने भीड़ से छुड़ाया। बाद में बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने भी बताया कि जीनत बच्चे की सगी बुआ नहीं है।

पोस्टमार्टम के बाद किया सुपुर्द-ए-खाक
बच्चे के शव का रात में ही पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अब्दुल्ला की मौत पर परिजनों के अलावा उसकी दो बहनों और एक भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। 

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