मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में एक चार साल के मासूम अब्दुल्ला का शव नाले से बरामद हुआ। वह 24 नवंबर से लापता चल रहा था। मंगलवार को उसका शव क्षेत्र में ही एक नाले में मिला। परिजनों ने बच्चे की हत्या कर नाले में फेंके जाने का आरोप लगाया है।
तंत्र-मंत्र या बुआ की खौफनाक साजिश, तीन गलियों में छिपा मासूम की हत्या का राज, नाले में मिला था शव
पांच फीट के नाले में फूला हुआ मिला शव
लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में कांच का पुल स्थित नाले में मंगलवार दोपहर एक मासूम का शव तैरता दिखा। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे के शव को बाहर निकाला। यह नाला करीब पांच फीट गहरा है। बच्चे का शव पूरी तरह फूल चुका था।
बच्चे के परिजनों ने रिश्ते की बुआ व उसके बेटे जिल्लू और तांत्रिक पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार पुलिस ने कहने के बाद भी जिल्लू और तांत्रिक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ नहीं की। बच्चे के गले पर निशान थे। अंदेशा है कि अपहरण के कुछ समय बाद ही शव को नाले में फेंक दिया गया था। यह भी संभावना नहीं है कि बच्चा दुकान से करीब 400 मीटर दूर नाले में जाकर खुद गिर गया हो।
लिसाड़ी गेट के अहमदनगर गली नंबर एक निवासी शकील ने बताया कि 24 नवंबर को उसकी पत्नी गुड़िया बेटे अब्दुल्ला के साथ अहमदनगर गली नंबर छह में रहने वाली रिश्ते की बुआ जीनत के घर गई थी। दोपहर को पता चला था कि अब्दुल्ला घर के पास जमील परचून वाले की दुकान पर टॉफी लेने गया था। लेकिन लौटा नहीं।
24 नवंबर को ही पिलोखड़ी चौकी पर तहरीर दे दी गई थी। लेकिन पुलिस नहीं जागी। 26 नवंबर को अनहोनी का अंदेशा जताकर अपहरण का केस दर्ज कराया गया। उसके बाद भी पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई। मंगलवार को गली नंबर 9 के नाले में बच्चे का शव मिला। जिस जगह नाले में शव मिला, उसकी दूरी बुआ के घर से करीब 400 मीटर है। इन तीन गलियों में ही बच्चे की हत्या का राज छिपा है।