देश के विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझें, तभी समाज में अपराध का ग्राफ नीचे आ सकता है। एक साफ और सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। युवाओं को उनकी नैतिक जिम्मेदारियोें की यह सीख पुलिस की पाठशाला में मिली। शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल कैंट में पुलिस की पाठशाला लगी। इस बार पाठशाला के मुख्य वक्ता एसपी सिटी रणविजय सिंह रहे। उन्होंने छात्रों को महिला अपराध, हेल्पलाइन, यातायात नियमों सहित सोशल मीडिया के सही प्रयोग व साइबर क्राइम से जुड़ी बातें बताईं। स्कूल की प्रधानाचार्य प्रेम मेहता ने एसपी सिटी का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों को समय-समय पर इस तरह की कार्यशालाओं की जरूरत पड़ती है। इससे उनको सही सोच विकसित करने में मदद मिलती है।
पुलिस की पाठशाला: अच्छे नागरिक बनकर निभाएं जिम्मेदारी, छात्रों ने एसपी सिटी से पूछे ये सवाल
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सोशल मीडिया का करें सही प्रयोग
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने छात्रों से कहा कि आज संकल्प लें कि आप सभी लोग यातायात नियमों का पालन करेंगे। साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी हेलमेट लगाने, सीट बेल्ट बांधने, धीमी गति से वाहन चलाने का सुझाव देंगे। हमारे देश में हत्या से ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटना में होती हैं। पुलिस अभियान भी चला रही है, करवाचौथ का व्रत नहीं करेंगे अगर हेलमेट नहीं लगाया। एसपी सिटी ने कहा कि सभी विद्यार्थी संकल्प लें कि आप सभी एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका अदा करेंगे। समाज में जब भी किसी घायल या दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को देखेंगे तो उसकी मदद करेंगे। अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएंगे। सोशल मीडिया, मोबाइल फोन का प्रयोग कुछ सीखने के लिए, ज्ञान बढ़ाने के लिए और अच्छी जानकारियां हासिल करने के लिए करेंगे। न कि गलत सीख लेंगे।
वीआईपी का अपना सुरक्षा प्रोटोकॉल होता है, उसे फॉलो करना पड़ता है। उसके पद के अनुसार ही उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है।
यातायात पुलिस दिल्ली की गाड़ियां रोकती है, हरियाणा की छोड़ देती है? अनिकेत
गाड़ी किसी भी राज्य की हो अगर यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो पुलिस उसे रोकेगी। मोटर व्हीकल एक्ट का पालन करना अनिवार्य है।
18 साल से कम आयु के गाड़ी चलाते हैं, जबकि दिल्ली में चलाने से डरते हैं? - पलक
पूरे देश में समान मोटर व्हीकल एक्ट लागू है। जिसका पालन करना सबकी जिम्मेदारी है।हर राज्य के लिए एक सजा है।
हेलमेट न लगाने और ट्रिपलिंग करने पर पुलिसवालों को क्यों नहीं पकड़ा जाता? - तुषार
पुलिस हो या आम नागरिक यातायात नियम सभी के लिए समान है। नियम तोड़ने पर पुलिसवाले को भी सजा मिलती है।
रोड एक्सीडेंट होने पर पुलिसवाले मदद की बजाय वीडियो बनाने लगते हैं, क्या ये सही है? - सागर
पुलिसवाले ही नहीं आम नागरिक भी दुर्घटना में फंसे लोगों की मदद के बजाय वीडियो बनाते हैं। घायल की मदद करें।
पुलिस महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है। - सिमरन
महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला थाना, महिला पुलिस सक्रिय रहती है। 1090 हेल्पलाइन, डायल 100 जैसी सुविधाएं हैं। जागरूक भी करते हैं।
दुर्घटना होने पर जो मदद करने वाले को ही फंसा दिया जाता है, लोग मदद करने से डरते हैं? -प्रियांशी
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि जो भी व्यक्ति दुर्घटना के घायलों की मदद करेगा, उन्हें अस्पताल ले जाएगा पुलिस नहीं पकड़ेगी।
दिल्ली में पुलिस कपल्स को नहीं पकड़ती फिर मेरठ में क्यों पकड़ लेती है? आतिफ अंसारी
हमारा समाज अनुशासन की परिपाटी पर चलता है। कुछ नियम हैं जिन्हें फॉलो करना होता है। जो व्यक्ति नियमों को तोड़ेगा उस पर कार्रवाई होगी।
पुलिस नो एंट्री में भी ट्रक चालकों से वसूली करके उन्हें एंट्री दे देती है, ऐसा क्यों? - सल्तनत, शिक्षिका
यह भ्रष्टाचार का मामला है। जो भी पुलिसवाला ऐसा करता है, वो गलत है। शिकायतें मिलने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी हुई है।
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