जिस बेटी को मरा समझ रहा था परिवार, वह 23 दिन बाद जिंदा लौटी, हकीकत खुली तो हर कोई रह गया हैरान
जिस अफसाना के घर में धमाके के बाद लगी आग में जिंदा जलने का दावा किया गया था, वो रविवार को जिंदा निकली। साथ ही बड़ा और सनसनीखेज खुलासा यह हुआ है कि जो लाश मकान में मिली थी वह मोहल्ले की ही नजमा की थी, जिसकी अपहरण के बाद हत्या की गई थी। नजमा को मोहरा बनाकर पूरी कहानी रचने वाली अफसाना और उसके दिव्यांग प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के रशीदनगर में दो अप्रैल 2019 को अबरार के मकान में आग लगी थी। जिसमें अबरार की पत्नी अफसाना (28) के जिंदा जलकर मरने का दावा किया गया था। मौके से मिले शव को अफसाना का मानकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। 24 अप्रैल को चर्चा फैली थी कि अफसाना जिंदा है और वह महिला थाने में देखी गई थी।
अफसाना की मां नसीमा निवासी इस्लामनगर लिसाड़ी गेट भी महिला थाने पहुंची थी। जहां मां-बेटी आपस में गले मिली थीं। एक मां ने एक ही नजर में अपनी बेटी अफसाना को पहचान लिया था। लेकिन अफसाना ने खुद का नाम निशा परवीन बताया है।
पुलिस अफसरों तक यह मामला पहुंचा था तो जांच कराने की बात कही गई थी। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने इसकी जांच कराई। जिसमें पता चला कि अफसाना गढ़ रोड स्थित गोकुलपुर गांव में रह रही है। गोकुलपुर में कई लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें जानकारी मिली कि वह महिला अफसाना ही है। इसको देखते पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी।
अफसाना ने प्रेमी संग बनाया प्लान
पुलिस के अनुसार जांच में इसकी पुष्टि हो गई कि अफसाना जिंदा है। जिसके बाद रविवार को अफसाना और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अफसाना ने बताया कि उसका टेंपो चालक प्रेमी से प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसके चलते दोनों ने मिलकर यह प्लान बनाया था कि मकान में किसी महिला का शव डालकर उसमें आग लगा देते हैं। जब शव पूरी तरह जल जाएगा तो सब यही समझेंगे कि अफसाना की जलकर मौत हो गई। अफसाना का शव समझकर मामला रफादफा हो जाएगा। किसी को भनक तक नहीं लगेगी।
नशीला पदार्थ देकर जिंदा जलाई थी महिला
प्रेमी प्रवीण के साथ फरार होने की अफसाना ने ऐसी प्लानिंग बनाई, जिसे सुनकर पुलिस हैरान रह गई। प्लान के तहत मोहल्ले की एक लड़की नजमा की अपहरण किया। उसने महिला को घर बुलाकर उसे नशीला पदार्थ दिया था। उसके बाद मिनी सिलिंडर में आग लगाकर महिला को जला दिया था। इस योजना में अफसाना के साथ एक और महिला थी।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के मुताबिक प्रवीण और अफसाना को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन दोनों के बयानों में विरोधाभास है। अफसाना ने जिन्नत (50) निवासी घंटे वाली गली लिसाड़ीगेट को मारना बताया है। जिसकी गुमशुदगी एक अप्रैल से दर्ज है। जबकि रविवार देर रात तक अफसाना नजमा नाम की महिला का नाम ले रही थी।
एक साल पहले हुई थी शादी
सीओ ने बताया कि अफसाना की मुलाकात पांच साल पहले प्रवीण निवासी गोकुलपुर भावनपुर से हुई है। प्रवीण टेंपो चालक और दिव्यांग है। वहीं, बीती 24 अप्रैल को अफसाना महिला थाने में पहुंची थी। इसकी जानकारी महिला इंस्पेक्टर संध्या वर्मा को लगी थी। इसके बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। मामला दो समुदाय से जुड़ा है।
पुलिस के मुताबिक नसीमा ने बताया कि अफसाना की शादी एक साल पहले अबरार उर्फ इश्तियाक से हुई थी। अफसाना अपने पति के साथ किराये के मकान में रशीदनगर में रहती थी। छह महीने से दंपती में विवाद चलना बताया गया। दो अप्रैल को इसी किराये के मकान में आग लगी थी। जिसमें अफसाना की मौत होने की जानकारी दी गई। उस समय शक होने पर पुलिस ने अफसाना के पति को हिरासत में लिया था। लेकिन छोड़ दिया था।
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