कलयुगी मां की इस करतूत ने मानवता को शर्मसार कर दिया। वैसे तो बच्चे मां के कलेजे का टुकड़ा होते हैं, लेकिन मां का प्यार हर किसी बच्चे के नसीब में नहीं होता। ऐसा ही कुछ दो दिन की नवजात (सुनैना) के साथ हुआ। सुनैना ने अभी ठीक से आंखें भी नहीं खोली थी। कलयुगी मां और बेटी की कहानी जानकर दंग रह जाएंगे आप...
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बच्ची का इलाज करती डॉक्टर
एक कहावत है, 'जाको राखे साईयां मार सके ना कोय' ऐसा ही एक मामला यूपी के मुजफ्फरनगर शहर में देखने को मिला है। ये कहानी एक कलयुगी मां और दो दिन की नवजात बच्ची की है। बच्ची ने ठीक से आंखें भी नहीं खोली थी कि कलयुगी मां ने नवजात को अपने कलेजे से दूर कर दिया। मां से दूर बच्ची के साथ जो हुआ उसे जानकर आप हिल जाएंगे। तो जानिए ऐसा क्या हुआ...
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन की नवजात बच्ची को पहले तो उसकी मां किसी की चौखट पर छोड़कर फरार हो गई, फिर नन्ही परी के ऊपर से ठेला गुजर गया। मानवता तब और शर्मसार हो गई जब नवजात बच्ची की रोने की आवाज सुनकर (आदमी ने बच्ची को कूड़े वाले ठेले में फेंक दिया) यह आदमी वही था जिसके घर के सामने बच्ची को छोड़कर उसकी मां फरार हुई थी। अब आप सोचिए, उस बच्ची ने एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन बार मौत को मात दी। जानिए आगे क्या हुआ...
मोहल्ले के लोगों ने बच्ची को देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और मोहल्ले के लोगों ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज किया। बच्ची हिलहाल बिल्कुल ठीक है। इस समय पुलिस प्रशासन ही उसका मां-बाप बना हुआ है।
वहीं मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने लोगों से बच्ची की सहायता के लिए अपील है। उन्होंने डॉक्टरों को उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं शुक्रवार को आस्था संस्था के पदाधिकारी भी बच्ची से मिलने आए और उसका नाम सुनैना रखा है।