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सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण: मलबे में ईंटों पर लिखे मिले ये नंबर बने रहस्य, बढ़ गई उलझन; कुएं पर की बैरिकेडिंग

Thu, 10 Sep 2026 11:53 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 10 Sep 2026 11:53 AM IST
सार

सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मलबे में कई ईंटों पर नंबर लिखे मिले हैं। ईंटों पर 1909, 1911 और 43 समेत अन्य नंबर अंकित हैं। अब मलबे को देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। सहारनपुर में पांच सितंबर की सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध घोषित किया था। मस्जिद समिति की पहली अपील भी खारिज हो गई थी।

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Numbers including 1909, 1911 and 43 among others found written on several bricks in Saharanpur mosque debris
saharanpur mosque demolition - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मलबे को अलग-अलग स्थानों पर डलवाया गया है। मलबे में कई ईंटें ऐसी हैं, जिन पर नंबर अंकित मिले हैं, जो रहस्य बना हुआ है। प्रथम दृष्टया उन नंबरों को देखने से ऐसा लगता है जैसे वह वर्ष की ओर इशारा कर रही हो। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती। कई लोग इन्हें ईंटों के निर्माण वर्ष से जोड़कर देख रहे हैं। अब सुरक्षा की दृष्टि से मलबे के आसपास पुलिस तैनात की गई है।


दरअसल, शनिवार पांच सितंबर को कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को प्रशासन ने बेदखली के आदेश के तहत ध्वस्त करा दिया था। इसके बाद देर शाम तक मलबे को कलक्ट्रेट परिसर स्थल से हटा दिया गया। हटाए गए मलबे में कई ईंटों पर 1909, 1911 और 43 समेत अन्य नंबर लिखे हैं। 
Numbers including 1909, 1911 and 43 among others found written on several bricks in Saharanpur mosque debris
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ते बुलडोजर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों का मानना है कि ईंटों पर लिखे यह नंबर ईंट निर्माण वर्ष के हैं। फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। ईंटों पर लिखे इन नंबरों ने मामलों को पूरी तरह से उलझा दिया है। मस्जिद प्रबंधन कमेटी द्वारा दावा किया जाता है कि कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद आजादी से पहले की है।
Numbers including 1909, 1911 and 43 among others found written on several bricks in Saharanpur mosque debris
सहारनपुर के कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को तोड़ता बुलडोजर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद मलबे से मिली ईंटों पर लिखे नंबर को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे मस्जिद प्रबंधन पक्ष के दावों को और पुख्ता होने की बात कह रहे हैं, वहीं जिन स्थानों पर मलबा डाला गया है वहां पर भी लोग इन ईंटों और मस्जिद के मलबे को देखने के लिए आ रहे हैं। 
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Numbers including 1909, 1911 and 43 among others found written on several bricks in Saharanpur mosque debris
चुनहेटी फाटक के नजदीक डाले गए मस्जिद के मलबे के पास तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो में लोग मलबे से ईंटें उठाकर ले जाते हुए भी दिखाई दिए। इस स्थिति को देखते हुए जिन-जिन स्थानों पर मलबे को डाला गया है। वहां पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। मलबे को देखने के लिए आ रहे लोगों को पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। साथ ही मलबे को तिरपाल से ढका भी गया है।
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Numbers including 1909, 1911 and 43 among others found written on several bricks in Saharanpur mosque debris
कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के नीचे से मिले कुएं की बैरिकेडिंग करते पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुएं को बैरिकेड लगाकर किया सुरक्षित
कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मलबे को हटाए जाने के बाद कुएं जैसी संरचना मिली थी। इसे सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए पुलिस द्वारा कुएं के चारों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं। इसके साथ ही कलक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार के आगे किसी भी जाने की मनाही है। 

 
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