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मेरठ: जिला अस्पताल की बत्ती गुल, मोबाइल टॉर्च से चल रहा काम, तीमारदार हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए

Tue, 27 Aug 2019 01:54 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 27 Aug 2019 01:54 PM IST
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No electricity in district hospital of Meerut, work going on mobile torch, Patient panic
मेरठ जिला अस्पताल में मरीज को पंखा झलती महिला - फोटो : अमर उजाला
मेरठ जिला अस्पताल में सोमवार से ही बिजली की आंख-मिचौनी चलती रही, जिससे मरीज-तीमारदार परेशान रहे। दोपहर में तीन घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के लिए हाथ से पर्चे बनाने पड़े।


मंगलवार को भी सुबह से ही बिजली गुल रही। इस दौरान मरीजों की जांचें भी नहीं हो पाई। तीमारदार मरीजों की हाथ के पंखे से हवा करते नजर आए।  काफी मरीज ऐसे भी रहे, जो बिना डॉक्टरों को दिखाए ही लौट गए। रात तक हालात नहीं सुधरे। कभी बिजली चली जाती तो कभी एक फेज में ही आती । इससे मरीजों-तीमारदारों को पानी तक की किल्लत रही।
No electricity in district hospital of Meerut, work going on mobile torch, Patient panic
मेरठ जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
पीएल शर्मा जिला अस्पताल में सोमवार सुबह एक्सरे विभाग के सामने विद्युत लाइन में फाल्ट हो गया। सुबह दो घंटे तक बिजली व्यवस्था चरमराई रही। इसकेबाद जैसे-तैसे जेनरेटर से सप्लाई शुरू की गई, लेकिन सुबह करीब 11 बजे जेनरेटर भी गर्म होकर ठप हो गया। फाल्ट जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन उसे ठीक करने में ही दो बज गए। यानि ओपीडी का समय खत्म हो गया।

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मंगलवार को भी हाथ से पर्चे बनने के कारण देर से पर्चे बने, मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। अंधेरे के कारण चिकित्सक भी मोबाइल की रोशनी और खिड़की से आ रही रोशनी में जैसे-तैसे मरीज देखते रहे। ऐसे में काफी संख्या में मरीज बिना दिखाए ही वापस लौट गए। दोपहर बाद विद्युत फाल्ट ठीक किया गया, लेकिन फिर भी एक ही फेज में बिजली आई, जिस कारण पानी की व्यवस्था भी प्रभावित रही।
 
No electricity in district hospital of Meerut, work going on mobile torch, Patient panic
मेरठ जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
मरीजों ने उमस भरी गर्मी में बिना लाइट पंखे के बगैर बिताए। ऐसे में कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई। बिजली न होने से मरीज हलकान हुए। पसीने में तरबतर रहे। मरीजों-तीमारदारों का कहना था कि गर्मी के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नवजात बच्चों को महिलाएं वार्ड से बाहर लेकर घूमती रही। कोई कपड़े से तो कोई हाथ के पंखे से हवा करता नजर आया।

 
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मेरठ जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
बरामदे में ही देखने पड़े मरीज
एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने वाले विभाग में बिजली नहीं होने कारण चिकित्सक को बरामदे में बैठना पड़ा। उन्होंने वहीं मरीजों को देखा और उन्हें एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए।

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मेरठ जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
गर्म होने के कारण बंद हुआ जेनरेटर
विद्युत लाइन में फाल्ट होने के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। जेनरेटर गर्म होने के कारण बंद हो गया था। विद्युत फाल्ट ठीक करा दिया गया है। व्यवस्था को दुरुस्त कराया जा रहा है। - डॉ. पीके बंसल, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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