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निर्भया के दोषियों को फांसी देने में पवन जल्लाद की होगी परीक्षा

Fri, 31 Jan 2020 05:16 PM IST
कपिल kapil गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 31 Jan 2020 05:16 PM IST
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Nirbhaya Case, Pawan Jallad will hang the four convicts on 1 February
पवन जल्लाद - फोटो : अमर उजाला

निर्भया के दरिंदों को फांसी देने में पवन जल्लाद की परीक्षा है। फांसी देते समय झटके से स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़ की हड्डी) टूटने से दोषी की मृत्यु तत्क्षण हो जाती है। इस तरीके से फांसी देने में सबसे कम तकलीफ होती है। मानवाधिकारों को देखते हुए फांसी में इस नियम का पालन करना जरूरी है। इसको देखते हुए पवन को तिहाड़ जेल में फांसी देने का तरीका सिखाया जाएगा। फांसी सही से दी या नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो जाएगी।

Nirbhaya Case, Pawan Jallad will hang the four convicts on 1 February
पवन जल्लाद - फोटो : अमर उजाला

निर्भया के चारों दरिंदों को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा। जेल में फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं। फांसी की प्रक्रिया को लेकर अलग- अलग भ्रांतियां हैं। यूपी के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने फांसी देने की प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की थी। कानूनी प्रावधान के अनुरूप फांसी देने की प्रक्रिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें हैं।

Nirbhaya Case, Pawan Jallad will hang the four convicts on 1 February
निर्भया कांड के दोषी - फोटो : अमर उजाला

पूर्व डीजीपी के मुताबिक मृत्यु दंड क्रियान्वित करने के तरीकों पर सुप्रीम कोर्ट विचार कर चुका है। यह पाया है कि स्पाइनल कॉर्ड टूटने से दोषी की मौत तत्क्षण हो जाती है। यह सबसे कम तकलीफ और कम क्र्रूरता वाला तरीका है। गोवा में सत्तर के दशक में एक बार इस पर जांच एवं अध्ययन किया गया था।

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Nirbhaya Case, Pawan Jallad will hang the four convicts on 1 February
निर्भया कांड के दोषी - फोटो : अमअम

झटके में टूटनी चाहिए स्पाइनल कॉर्ड  
फांसी देने के लिए करीब सात फीट का रस्सा तैयार किया जाता है। मौत स्पाइनल कॉर्ड टूटने से होनी चाहिए। इसको देखते हुए रस्सी उतनी ढीली/अतिरिक्त रखनी होती है, ताकि जब तख्ते हटें तो शरीर अचानक उतना नीचे गिरे। इस झटके से ही स्पाइनल कॉर्ड टूट जाए। शरीर ड्राप होने के बाद आधा घंटा लटका रहना चाहिए। जब डॉक्टर प्रमाणित कर दे की मृत्यु हो चुकी है तब शरीर रस्सी से उतारकर नीचे रखा जाना चाहिए। फांसी के बाद पोस्टमार्टम होना अनिवार्य हो गया है। इसके पूर्व पोस्टमार्टम करने की प्रक्रिया नहीं होती थी।

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निर्भया का दोषी अक्षय कुमार सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

पवन को बृहस्पतिवार सुबह बुला लिया गया था जेल
तिहाड़ जेल के असिस्टेंट सुप्रिटेंडेंट नवीन दहिया टीम के साथ बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे चौधरी चरण सिंह जिला कारागार पहुंचे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने में करीब एक घंटे लगे। इसके बाद टीम पवन को दिल्ली लेकर चली गई। उन्होंने बताया कि पवन जल्लाद को सुबह ही जेल बुला लिया गया था।

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