आईएसआईएस और हथियार सप्लायरों के गठजोड़ का नेटवर्क तोड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने वेस्ट यूपी में डेरा डाल लिया है। आईएसआईएस से जुड़े कथित नईम व अमरोहा के सुहेल द्वारा बताए हथियार सप्लायरों की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी है। इनकी तलाश में किठौर में भी एनआईए और एटीएस की टीमों के पहुंचने की चर्चा दिन भर रही।
यूपी: पश्चिमी यूपी में NIA ने डाला डेरा, गोपनीय रूप से छापेमारी लगातार जारी
26 दिसंबर को एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने मेरठ समेत 17 जिलों में छापेमारी की थी। आईएसआईएस से जुड़े दस संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की पूछताछ में हापुड़ के साकिब ने मेरठ राधना गांव निवासी नईम का नाम बताया था। जिसको एनआईए और मेरठ पुलिस ने पांच दिन पहले गिरफ्तार किया था। नईम, सुहेल समेत चार आरोपियों को एनआईए ने रिमांड पर लिया हुआ है।
पुलिस के मुताबिक सुहेल और नईम ने बताया कि मेरठ के हथियार सप्लायरों से आईएसआईएस ने गठजोड़ किया हुआ है। इसका खुलासा होने पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। एनआईए और एटीएस समेत कई एजेंसियों ने वेस्ट यूपी में डेरा डाल लिया है। पुलिस ने बताया है कि सुरक्षा एजेंसियां हथियार सप्लायरों का नेटवर्क खंगालने में लगी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ लोकल पुलिस भी लगी है।
सोमवार को दिन भर किठौर के इलाकों में हलचल रही। एनआईए और एटीएस की टीमों के आने की चर्चाओं के बीच स्थानीय पुलिस फोर्स भी अलर्ट पर रहा। सीओ किठौर अलोक सिंह ने बताया कि एनआईए ने पहले कोई जानकारी नहीं दी। वह गोपनीय रूप से छापेमारी करती है। दो दिन पहले भी एनआईए ने स्थानीय पुलिस बल के साथ छापेमारी की थी।
इसे देखते हुए पुलिस अलर्ट की गई थी, ताकि एनआईए की टीम आए और तुरंत उनके साथ पुलिस चल पड़े। हालांकि सीओ ने किठौर में सोमवार को एनआईए द्वारा पुलिस बल न लेने की बात कही।