शारदीय नवरात्रि आज 17 अक्तूबर से प्रारंभ हो गए है। भक्तों ने सुबह- सुबह ही मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा और ज्यादातर श्रद्धालुओं ने मास्क भी पहनकर रखा। वहीं अनलॉक-5 के चलते मेरठ के सभी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थी।
Navratri 2020: नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी भीड़, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, देखिए तस्वीरें
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बता दें कि माता रानी के मंदिरों में नौ दिनों तक विशेष पूजा अर्चना होगी। इस बार नवरात्र का आरंभ शनिवार के दिन हो रहा है। ऐसे में देवी भागवत पुराण के अनुसार माता का वाहन अश्व होगा। ऐसे में पड़ोसी देशों से युद्ध, छत्र भंग, आंधी-तूफान के साथ कुछ राज्यों में सत्ता में उथल-पुथल भी होने की आशंका है। माता की विदाई भी भविष्य में घटने वाली घटनाओं की ओर इशारा करती है। इस बार विजयादशमी रविवार को है।
शास्त्रों के अनुसार रविवार के दिन विजयादशमी होने पर माता हाथी पर सवार होकर कैलाश की ओर प्रस्थान करेंगी। विदाई हाथी पर होने से आने वाले साल में अधिक वर्षा की संभावना जताई जा रही है।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलोजिकल साइंस के संयुक्त सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार नवरात्र पूजन द्विस्वभाव लग्न में करना शुभ होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मिथुन, कन्या, धनु तथा कुंभ राशि द्विस्वभाव राशि है। अत: इसी लग्न में पूजा प्रारंभ करनी चाहिए।
- शुभ चौघड़िया व स्थिर लग्न के संयोग में सुबह 8:16 बजे से 10:31 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त
11:43 से 12:29 तक
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