उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की मौत ने मलिकपुरा के परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया। कवाल से करीब तीन किलोमीटर जंगल में बसे मलिकपुरा मजरे में मकानों की तादाद ज्यादा नहीं है।
कवाल का दर्द: उजड़ गई दुनिया, बिखरे सपने.., शाहनवाज के पिता बोले- घटना ने दिए जिंदगी भर के जख्म
गौरव के पिता रविंद्र सिंह अपनी पत्नी सुरेश के साथ शहर में रहने लगे हैं। बेटियां निति और शैली की शादी हो चुकी है। सचिन के पिता बिशन और मां मुनेश छोटे बेटे राहुल के साथ गांव में ही रह रहे हैं। बेटी रीतू की शादी काफी समय पहले कर दी थी।
बिशन और मुनेश घटना को याद कर भावुक हो जाते हैं। कहते हैं कि सचिन और गौरव के चले जाने के बाद परिवार की खुशियां छिन गईं। बहू स्वाति पौत्र गगन के साथ मायके पुरबालियान में रहती है। अब मलिकपुरा में मन नहीं लगता, लेकिन रहना मजबूरी है।
शाहनवाज के पिता बोले- घटना ने दिया ताउम्र का दर्द
शाहनवाज के पिता सलीम भी वक्त के साथ बूढे़ हो चले हैं। हालांकि घटना की बातें उन्हें नहीं भूली हैं। कहते हैं कि उन्हें आशा है, कोर्ट उनके मुकदमे में भी न्याय करेगा।
कवाल की वारदात ने उन्हें ताउम्र का दर्द दिया है। शाहनवाज की मौत हो गई और दो बेटे जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
कवाल कांड में सचिन और गौरव की हुई हत्या में कोर्ट का निर्णय आ चुका है। इस दोहरे हत्याकांड में 8 फरवरी 2019 को एडीजे-7 कोर्ट ने सात आरोपियों मुजस्सिम और उसके भाई मुजम्मिल पुत्रगण नसीम अहमद, फुरकान पुत्र फजला, जहांगीर और उसके भाई नदीम पुत्रगण सलीम, अफजाल और उसके भाई इकबाल पुत्र बुंदू निवासीगण कवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वर्तमान में मुजम्मिल बुलंदशहर जेल में तथा बाकी सभी आगरा जेल में बंद हैं।
शाहनवाज हत्याकांड विचाराधीन
एसआईसी (स्पेशल विवेचना सेल) ने कवाल कांड की जांच की थी। जांच में एसआईसी ने शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगाई थी। तर्क यह दिया कि सचिन और गौरव ने शाहनवाज की हत्या की थी।
उसी समय मौके पर ही इन दोनों की भी हत्या कर दी गई थी। जिस पर शाहनवाज के पिता सलीम की ओर से अदालत में परिवाद दायर किया गया था। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। अब यह मुकदमा जिला जज की कोर्ट में विचाराधीन है। मुकदमे के सभी छह आरोपी रविंद्र सिंह, बिशन, प्रहलाद, तहेंद्र, जितेंद्र और देवेंद्र जमानत पर बाहर हैं।