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मुजफ्फरनगर दंगा: अदालत के फैसले के बाद कवाल और मलिकपुरा में पीएसी तैनात, कड़ी हुई सुरक्षा

Fri, 08 Feb 2019 04:17 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 08 Feb 2019 04:17 PM IST
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Muzaffarnagar riot: PAC deployed in Kawal and Malikpura after court judgement
कवाल कांड

मुजफ्फरनगर में कवाल कांड में मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के मामले में कोर्ट ने सात लोगों को दोषी मानने के बाद आज शुक्रवार को सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। कोर्ट द्वारा हत्याकांड में फैसला सुनाए जाने को लेकर बुधवार की सुबह से ही कवाल और मलिकपुरा में भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया था। देखें कैसी रही कवाल की स्थिति 

Muzaffarnagar riot: PAC deployed in Kawal and Malikpura after court judgement
कवाल कांड

गुरूवार को गांव में सामान्य हालात रहे। गांव में चहल पहल रही और प्रतिदिन की तरह बाजार भी खुले। ग्रामीणों में कोर्ट के फैसले को लेकर पूरे दिन चाय की दुकान व चौराहों पर आपस में चर्चा होती रही। इसके अलवा कुछ ग्रामीणों का कहना है कि न्यायालय के फैसले का सभी लोगों को सम्मान करना चाहिए। कवाल कांड में दोनों पक्षों को समान न्याय मिलना चाहिए।

Muzaffarnagar riot: PAC deployed in Kawal and Malikpura after court judgement
कवाल कांड

बुलंदशहर जेल से लाया गया एक मुल्जिम
बुलंदशहर जिला कारागार में बंद मुजम्मिल को एडीजे कोर्ट संख्या-7 में सजा सुनाए जाने को पेश किया गया। अभी तक इस केस में उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग से हुई है। मुकदमे में दोषी ठहराए जाने के समय पिता नसीम अहमद ने उसके अस्वस्थ होने पर उसका इलाज एम्स दिल्ली में कराने की मांग की थी।

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Muzaffarnagar riot: PAC deployed in Kawal and Malikpura after court judgement
कवाल कांड

सजा पर टिकी रहीं सभी की निगाहें     
कवाल कांड में आरोपियों की सजा पर सभी की निगाहें टिकी रहीं। लखनऊ और दिल्ली से भी सीधी निगाहें इस फैसले पर टिकीं रहीं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आने वाले इस निर्णय के दूरगामी परिणाम होंगे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए कवाल कांड ने देश की सियासत की दिशा बदल दी थी। इन दंगों ने राजनीति का ऐसा ध्रुवीकरण किया कि बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों के आंकडे़ फेल हो गए। किसी ने इसे मोदी लहर तो किसी ने इसे भाजपा लहर का नाम दिया।

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Muzaffarnagar riot: PAC deployed in Kawal and Malikpura after court judgement
कवाल कांड

घटना के ठीक साढ़े पांच साल बाद कवाल में हुई सचिन और गौरव की हत्या पर निर्णय आया है। अदालत सात आरोपियों को दोषी ठहरा चुकी है। इनको आजीवन कारावास की सजा सुना दी है। सजा को लेकर राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा बेचैनी थी। विपक्षी दल खासकर सपा, बसपा और रालोद इस निर्णय को अपने नजरिए से देख रहे हैं। इस निर्णय से कितना सियासी नफा-नुकसान होगा। इस पर लखनऊ और दिल्ली में मंथन शुरू हो चुका है। 


 
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