फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जमींदोज हुआ खुशहाल दरबार: नतमस्तक होती थीं बड़ी हस्तियां, महल में लगे थे जैमर, वाॅकी-टाॅकी से होती थी बात

Thu, 12 Nov 2020 11:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 12 Nov 2020 11:44 PM IST
विज्ञापन
Muzaffarnagar news: administration demolished the illegal religious place peer kushhal chilla
अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala

मुजफ्फरनगर के बिहारगढ़ में 45 साल तक अपनी सल्तनत खड़ी कर वहां पर राज करने वाले पीर खुशहाल के दरबार में बड़ी-बड़ी हस्तियां नतमस्तक होती रही हैं। गुरुवार को प्रशासन ने वन विभाग की जमीन पर बनी इस अवैध चिल्लागाह को जमींदोज करा दिया।



पीर खुशहाल की यह चिल्लागाह किसी आलीशान महल से कम नहीं थी। यहां साइबर सुरक्षा के लिए विशेष रूप से जैमर लगाए गए थे, वहीं चिल्लागाह के अंदर बात करने के लिए वाॅकी टाॅकी का सहारा लिया जाता था। आगे तस्वीरों में जानें कैसे पांच घंटे की कार्रवाई के बाद इस पर बुलडोजर चलवाकर वन विभाग की जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। 

Muzaffarnagar news: administration demolished the illegal religious place peer kushhal chilla
अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala

वर्ष 1964 में मोरना ब्लॉक के बिहारगढ़ में खुशहाल पुत्र बहादुरखान का पदार्पण हुआ। खुशहाल सूफी किस्म का व्यक्ति था। धीरे-धीरे खुशहाल ने अपना वर्चस्व बढ़ाना शुरू कर दिया, जिसमें आसपास के लोगों के अलावा उसने राजनीतिक लोगों को अपना अनुयायी बनाया। लगातार खुशहाल का प्रभाव बढ़ने के साथ ही उसे लोग पीर खुशहाल के नाम से जानने लगे। वर्ष 1979 में अपना मूल निवास प्रमाणपत्र बनवा लिया।


 
Muzaffarnagar news: administration demolished the illegal religious place peer kushhal chilla
muzaffarnagar news, up police - फोटो : अमर उजाला

पीर खुशहाल की ख्याति इतनी बढ़ी की राजनेताओं के साथ-साथ अधिकारी भी उनकी चौखट पर आने लगे। अपने राजनीतिक वर्चस्व के चलते खुशहाल ने वर्ष 1975 में बिहारगढ में 6.6 हेक्टेयर भूमि को धार्मिक व कृषि कार्य के लिए 30 वर्ष की लीज पर लिया। लीज पर लिए जाने के बाद इस भूमि में आलीशान महल, मस्जिद, चिल्लागाह, कब्रिस्तान व ईदगाह बनाई गई।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Muzaffarnagar news: administration demolished the illegal religious place peer kushhal chilla
अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala

मेहमानखाना हर समय उसके अनुयायियों से भरा रहने लगा। यहां पर बनाई गई चिल्लागाह में वह इबादत किया करते थे। पीर खुशहाल के दरबार में देश के साथ ही विदेशी मेहमानों का भी आनाजाना लगा रहता था। उसके महल में एक महीने में कई गाड़ी डीजल व बड़ी संख्या में सिलिंडर खर्च होते थे। महल में जैमर लगे थे, ताकि वहां पर कोई मोबाइल का इस्तेमाल न कर सके, जबकि महल के लोगों की बात वॉकी-टॉकी से होती।


 
विज्ञापन
Muzaffarnagar news: administration demolished the illegal religious place peer kushhal chilla
अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala

2017 में हुआ था खुशहाल निधन
मुजफ्फरनगर। पीर खुशहाल का बीमारी के चलते 17 अप्रैल 2017 को निधन हो गया था। उनकी मौत के बाद उनकी गद्दी के लिए परिवार में रस्साकशी शुरू हुई थी। यह रस्साकशी छह माह तक चली थी और अंत में उनके दामाद जव्वाद मियां खुशहाली को उनका प्रतिनिधि बनाते हुए गद्दीनशीं किया गया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed