करनाल और पानीपत के चार परिवारों के छह लोगों की जान लेने वाले हादसे की दो वजह सामने आई हैं। कार चालक को नींद की झपकी या फिर टायर फटने की आशंका जताई जा रही है। असल में चालक शिवा सुबह चार बजे जागा और पांच बजे गाड़ी लेकर हरिद्वार के लिए निकला पड़ा था। यहां पहुंचे लोगों ने बताया कि वह देर से सोया था। इसी वजह से उसको झपकी आने की संभावना है।
व्यापारी की मौत दस दिन पहले हुई थी। परिवार के सदस्यों ने पहले ही अस्थि विसर्जन की तैयारी एक अक्तूबर के लिए की थी। परिवार के आधे सदस्य फरीदपुर मंगलवार रात पहुंच गए थे और कुछ सदस्य पानीपत से दूसरी कार में आए थे।
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हादसे के बाद कार का ये हाल हो गया।
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी चलाने के लिए गांव के ही शिवा को बुलाया गया। माना जा रहा है कि शिवा देर से सोया था और सुबह जल्दी उठकर फिर कार चलाने पहुंच गया। जट मुझेड़ा पोस्टमार्टम हाउस पर पीड़ित परिवार के सदस्यों ने भी यह माना है कि इस बात की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता कि चालक को नींद की झपकी लगी।
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ट्रक के पीछे से टकराई कार।
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज भी परिवार के सदस्यों ने देखी, जिसके बाद आशंका जताई कि हादसे की वजह झपकी हो सकती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चार बजे शिवा जुनेजा परिवार के घर पहुंच गया था और पांच बजे वह फरीदपुर से चले थे। करीब डेढ़ घंटे की यात्रा के बाद वाया शामली होते हुए पानीपत-खटीमा हाईवे के बघरा बाईपास पर पहुंचे।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
यहां अमीरनगर के संपर्क मार्ग पर संचालित किए जा रहे ढाबों के कारण चहल-पहले शुरू हो गई थी। कुछ लोग सुबह की सैर पर निकले थे और कुछ युवा दौड़ भी लगाने के लिए हाईवे पर पहुंचे थे।
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कार चालक शिवा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार जाकर आराम करना चाहता था शिवा
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चालक शिवा ने कुछ देर से चलने की बात कही थी। कुछ लोगों ने हरिद्वार की दूरी अधिक होने की बात कहते हुए पांच बजे सफर शुरू करने का हवाला दिया। सुझाव दिया कि परिवार के सदस्य जब तक अस्थि विसर्जन और अन्य कार्य करेंगे, तब तक शिवा पार्किंग में ही आराम कर लेगा। मगर किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि बघरा बाईपास पर मौत उनका इंतजार कर रही है।