उत्तर प्रदेश के देवबंद में नागरिकता संशोधन कानून और संभावित एनआरसी के विरोध में दिल्ली शाहीन बाग की तर्ज पर देवबंद के ईदगाह मैदान में महिलाओं का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। उधर भारत बंद के आह्वान को लेकर क्षेत्र की अधिकतर दुकाने और बाजार बंद हैं। भारी संख्या में पुलिस बल और आरएएफ तैनात है।
देवबंद: सीएए के विरोध में तीसरे दिन भी धरने पर डटीं महिलाएं, बोलीं- टेंट हटा लो पर हम न हटेंगे
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मुत्तहिदा खवातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में शुरू हुआ महिलाओं का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार की रात्रि सर्दी और बारिश के बावजूद महिलाएं बच्चों समेत धरनास्थल पर डटी रहीं।
एसएसपी दिनेश कुमार के निर्देश पर खानकाह पुलिस चौकी पर कैंप किए रहे एसपी देहात विद्या सागर मिश्र खुफिया विभाग व अन्य यूनिट के अधिकारियों के साथ महिलाओं को समझाने के लिए ईदगाह मैदान पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सीएए के वापस होने तक धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया।
मंगलवार की सुबह फिर से बड़ी संख्या में महिलाएं ईदगाह मैदान पहुंचीं और लेकर रहेंगे आजादी, सीएए से आजादी, एनआरसी से आजादी जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारी उजमा खुर्रम ने कहा कि उनका धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक है और इससे किसी को परेशानी भी नहीं है। संविधान ने उन्हें यह अधिकार दिया है कि अपने हक के लिए आवाज बुलंद करें।
अल सबा और सुरैय्या ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार सीएए को लेकर मुसलमानों को देश से निकालने का षड्यंत्र रच रही है। वह हिंदुस्तान में पैदा हुईं और यहीं की मिट्टी में दफन भी होंगी।
फरहा और गजाला ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हक की बात करने वालों के राज में आज महिलाएं मासूम बच्चों के साथ सड़कों पर आकर अपने हक के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहीं हैं तो सरकार खामोश क्यों है। वहीं, दूसरे दिन नगर समेत देहात क्षेत्रों से भी महिलाएं धरनास्थल पर पहुंचती रहीं। जिससे अधिकारियों की टेंशन बढ़ी रही और बड़ी संख्या में महिलाओं के जमा होने के चलते वह किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचते रहे।