मेरठ के ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में सुनीता मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस अब कातिल के आने के समय की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। हत्या के बाद वो मुंह पर कपड़ा लपेटकर जाते हुए नजर आ रहा है। पहले वह किस तरफ से आया इसको लेकर वर्कआउट किया जा रहा है।
Murder: आखिर कौन था वो परिचित? जिसके लिए सुनीता ने खोला दरवाजा, बेटे से हुई थी आखिरी बार बात
मूलरूप से सुल्तानपुर जिले के अमाऊ जासरपुर गांव निवासी राधेश्याम मिश्रा ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर की गली नंबर दो में रहते हैं। राधेश्याम बागपत रोड स्थित कैलाश अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन हैं। शुक्रवार रात को राधेश्याम की पत्नी सुनीता मिश्रा घर पर थीं। पति अस्पताल में ड्यूटी पर थे।
शनिवार सुबह राधेश्याम घर पहुंचे तो गेट खुला हुआ था। भीतर सुनीता का शव पड़ा हुआ था। दांयी तरफ कनपटी पर गोली लगी थी। राधेश्याम की लाइसेंसी रिवाल्वर सुनीता के हाथ में रखी हुई थी। सिर पर भी चोट का निशान था। घर से बुलेट बाइक गायब थी।
पुलिस को कातिल कुछ दूर ले जाने के बाद सड़क पर खड़ी करके पैदल चला गया था। मेट्रो प्लाजा के पास से वो ई-रिक्शा में बैठा और डेढ़ बजे के करीब भैंसाली बस अड्डे पहुंच गया। इसकेे बाद उसकी लोकेशन नहीं मिली।
बेहद प्लानिंग से रची गई हत्या की साजिश
सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ कि रात को 12 बजे एक कातिल मुंह पर कपड़ा बांधे हुए आया और कुछ देर तक इधर-उधर घूमता रहा। सुनीता मिश्रा ने कातिल के गेट पर पहुंचने के बाद खुद गेट खोला। यानी, वो कातिल की आवाज को पहचानती थी। इसी का कातिल ने फायदा उठाया। सुनीता की मोबाइल पर पति से रात साढ़े आठ बजे बात हुई।
इसके बाद उसके मोबाइल पर कोई कॉल नहीं आई। मोबाइल कातिल साथ ले गया। यानी मोबाइल में भी कोई सुराग हो सकता है। हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास करना। इन तमाम बातों से साफ है कि कोई बेहद करीबी था जिसने हत्याकांड को अंजाम दिया।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि हत्यारे को घर के बारे में पूरी जानकारी थी। लाइसेंसी रिवाल्वर कहां रखी है। घर में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी साथ ले गया। कई एंगल पर जांच चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।