मेरठ एक साल पहले लुधियाना निवासी युवती की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया, लेकिन हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए सुबूत काफी कम हैं। पुलिस अभी तक छात्रा की कटी गर्दन और हाथ बरामद नहीं कर पाई है। ऐसे में युवती को न्याय दिलाना पुलिस के लिए कम बड़ी चुनौती नहीं है।
हत्या के बाद शाकिब ने शव की पहचान छुपाने को किया ये काम, एक साल तक खुद ही बदलता रहा था युवती की डीपी
- युवती को इंसाफ दिलाने के लिए कम पड़ेंगे सुबूत
- खुलासे के बाद भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई कटी गर्दन
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दौराला थाना क्षेत्र के लोहिया गांव निवासी साकिब ने लुधियाना की एक युवती को प्रेमजाल में फंसाया था। उसने युवती से नगदी-जेवरात मंगाए और परिजनों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। एक साल बाद हत्या का खुलासा हुआ। यहां तक कि हत्या के बाद शातिर आरोपी शाकिब ने युवती की पहचान छिपाने के लिए उसका सिर और एक हाथ काटकर अलग अलग जगह फेंक दिए थे। आरोपी साकिब और उसके परिजनों ने हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वारदात का खुलासा किया। अब कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ ठोस सुबूत पेश करने होंगे। पुलिस द्वारा बरामद किया गया शव लुधियाना निवासी युवती का ही था, यह बात सिर्फ आरोपियों के बयान में है। पुलिस के पास अपनी बात साबित करने का कोई ठोस सबूत नहीं है।
हत्यारा शाकिब कितना शातिर है इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसने युवती के परिजनों को उनकी बेटी की हत्या की एक साल बाद तक भनक नहीं लगने दी।
आरोपियों के अनुसार, युवती की गर्दन व हाथ काटकर तालाब में फेंक दिए थे। पुलिस ने युवती का धड़ खेत से बरामद किया था। पहचान ना होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी करा दिया था।
फॉरेंसिक जांच के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। युवती के परिजनों ने भी सिर्फ आरोपी साकिब के कहने पर माना कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है। छात्रा की मां भी साकिब को अमन के नाम से जानती थी।
युवती को मौत के घाट उतारने के बाद भी साकिब उसके परिजनों को धोखा देता रहा। वह युवती के मोबाइल से लगातार उसके परिजनों से व्हाट्स और फेसबुक पर बात करता रहा।
वह रुटीन में उसकी डीपी भी बदलता रहता था। युवती की मां ने कई बार बेटी से मिलने के मेसेज किए, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर टरका देता था। साकिब ने एक साल तक इस बात का खुलासा नहीं होने दिया।