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डॉन बनने की चाहत में शुरू हुई थी ‘खूनी जंग’, रिश्ते बिगड़े और यूं शुरु हुआ हत्याओं का सिलसिला

Wed, 18 Dec 2019 06:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 18 Dec 2019 06:23 PM IST
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Murder in Bijnor Court, process of murders started in the desire to become a don
bijnor murder - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर के बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान और शाहनवाज के बीच खूनी जंग का सिलसिला नजीबाबाद का डॉन बनने की चाहत में शुरू हुआ था। वर्चस्व कायम करने की लड़ाई में इस कदर सिर पर खून सवार हुआ कि हत्याओं का सिलसिले ने थमने का नाम ले रहा। मंगलवार को भरी अदालत में पेशी पर आए हाजी अहसान के हत्यारोपी शाहनवाज का मर्डर इसी का नतीजा है। आगे देखें आखिर कैसे रसूख के आगे सस्ती हो गईं जिंदगियां: -


 
Murder in Bijnor Court, process of murders started in the desire to become a don
बसपा नेता हाजी अहसान और उनके भांजे का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद की प्रॉपर्टी व अन्य कामों में बसपा नेता अहसान का दखल चलता था। इसी वर्चस्व को तोड़ने के लिए और अपना राज कायम करने के लिए ही शाहनवाज ने अहसान की अपने शूटरों से हत्या कराई थी। हत्या के पीछे कौन कौन बड़े लोग थे इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। यह राज शाहनवाज ने भी पुलिस के आगे नहीं खोला था। लेकिन खूनी खेल में दोनों की ही जान चली गई। पहले अहसान की हत्या हुई और अब शाहनवाज की। 

हाजी शाहनवाज नजीबाबाद के अलावा दिल्ली में भी प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। नजीबाबाद में दस साल पहले जॉली हत्याकांड से प्रॉपर्टी को लेकर इस खूनी खेल की शुरूआत हुई थी। उसके बाद हत्याओं का सिलसिला चलता रहा। हाजी अहसान ने अपने शूटर अजमल पहाड़ी से डाक्टर शमशाद की हत्या करा दी।
Murder in Bijnor Court, process of murders started in the desire to become a don
आरोपी को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों के मुताबिक अजमल पहाड़ी ने दिल्ली में भी अहसान के कहने से कई हत्याओं को अंजाम दिया। बाद में दोनों के रिश्ते बिगड़ते गए और अहसान व अजमल पहाड़ी में भी दुश्मनी शुरू हो गई थी। अजमल गाजियाबाद की जेल में बंद था। दो माह पहले ही वह जेल से बाहर आया है। 

सूत्रों के मुताबिक शाहनवाज ने राशन डीलर इमरान की जब्बार व दानिश दोनों शूटरों से हत्या कराई। पहले हमले में इमरान बच गया था। इसके बाद कई और घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक शाहनवाज पूर्वांचल के सरगना मुख्तार अंसारी से संबंध थे। अहसान और शाहनवाज के बीच शुरुआत में पांच लाख रुपये को लेकर विवाद हुआ था। शाहनवाज ने अहसान से पांच लाख रुपये मांगे, तो अहसान ने आनाकानी की। तब शाहनवाज ने उसे ठिकाने लगाने की धमकी दी।

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Murder in Bijnor Court, process of murders started in the desire to become a don
घटना के बाद मची भगदड़ - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों के मुताबिक बाद में मुख्तार अंसारी के कहने पर अहसान ने शाहनवाज को पांच लाख रुपये दिए थे। हाजी अहसान ज्यादातर दिल्ली में रहता था। पिछले कई सालों से नजीबाबाद में आकर रहने लगा। तभी से शाहनवाज ने अहसान को ठिकाने लगाने की योजना बना ली थी।

शाहनवाज को लगा कि अहसान की हत्या के बाद नजीबाबाद की सभी प्रॉपर्टी उसके कब्जे में होंगी। लोगों से वह आसानी से रंगदारी भी ले सकता है। इसलिए उसने शूटर जब्बार व दानिश से अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या कराई थी।

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शाहनवाज - फोटो : अमर उजाला

‘मैं नहीं मरवाता, तो मेरी हत्या हो जाती’ 
पिछले दिनों पुलिस रिमांड के दौरान शाहनवाज ने इस बात का खुलासा किया था कि अहसान उसकी हत्या कराना चाहता था, इसलिए उसने अहसान की हत्या कराई है। अगर वह अहसान की हत्या न कराता तो अहसान उसकी हत्या करा देता। पुलिस ने शाहनवाज को खूब खंगाला पर वह यह राज नहीं खोल पाया कि अहसान की हत्या के पीछे किन बड़े लोगों का हाथ है।

सूत्रों के मुताबिक शाहनवाज गैंग के निशाने पर किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान व उनकी बहन रिजवाना भी थी। अब इनकी हत्या का ताना बना शाहनवाज बुन रहा था। पुलिस भी इसे लेकर चौकस हो गई थी। 

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