मोनू गुर्जर को दायमपुर गांव में साजिश के तहत लाया गया था। उसकी हत्या होते कई लोगों ने देखा। लेकिन तमाशबीन बने रहे। यह बात पुलिस की पूछताछ में आरोपी ईशू और रोबिन ने बतायी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कई नाम बताए हैं। मोनू की हत्या के दौरान मौजूद रहे लोग भी जेल जाएंगे। वहीं पुलिस ने इस हत्याकांड के दूसरे आरोपी रोबिन को भी जेल भेज दिया है। आगे देखें आखिर कैसे हत्या के बाद भी दो दिन तक जंगल में पड़ा रहा मोनू का शव और किसी ने पुलिस को सूचित करने की जेहमत नहीं उठाई: -
हत्या से पहले बेरहमी से पीटा गया था मोनू गुर्जर, तमाशबीन बने कई लोग, जांच में हुआ नया खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस ने बताया कि मोनू गुर्जर को शोभापुर गांव से दायमपुर गांव के जंगल में ले जाकर आरोपियों ने बुरी तरह पीटा था। उस पर ईंटों से प्रहार किए थे। जंगल में आते-जाते कई लोगों ने आरोपियों को निहत्थे मोनू को ईंटों से कुचलते देखा। लेकिन किसी ने इसका विरोध तक नहीं किया। इसकी सूचना कंट्रोल रूम या थाना पुलिस को भी नहीं दी। बताया गया कि आरोपियों ने इन लोगों को धमकी दी थी। हत्या के बाद भी दो दिन तक मोनू का शव जंगल में पड़ा रहा। लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस को सूचना नहीं दी गई। पुलिस के अनुसार ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें हत्या के केस में नामजद किया जाएगा।
आशीष हत्याकांड में भी आए थे रोबिन व दीपक के नाम : मोनू के परिजनों ने बताया कि आशीष गुर्जर की हत्या में गोपी पारिया के भाई प्रशांत सहित नौ लोग नामजद हुए थे। पुलिस ने सभी को जेल भेजा था। उस वक्त चर्चा थी कि आशीष की हत्या में दीपक और रोबिन भी शामिल थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें निर्दोष बताकर छोड़ा था। अब मोनू की हत्या में दोनों नामजद हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना कि आरोपी चंदा एकत्र कर गोपी पारिया की हत्या के बदले में कई लोगों को मारने का प्लान बनाने में लगे थे। इसकी जानकारी कई बार पुलिस को दी, लेकिन वह गंभीर नहीं हुई।
अभी शांत नहीं हत्यारोपी
मोनू गुर्जर के ताऊ दर्शन गुर्जर ने बताया कि आशीष की हत्या के दौरान मौके से भागते हुए आरोपियों ने रास्ते में उन पर भी गोली चलाई थी, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे। गांव में आरोपी पक्ष के कुछ लोग अभी चंदा कर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि मुकदमे में हत्यारोपियों की मजबूत पैरवी हो सके। आशीष की हत्या के बाद भी आरोपियों ने ऐसे ही चंदा एकत्र किया था। पुलिस प्रशासन को इस पर रोक लगानी चाहिए। आरोप और चर्चा है कि इसमें भीम आर्मी के कई कार्यकर्ता भी शामिल होते थे।
बजरंग और दीपक शातिर, बना रहे टारगेट
मोनू गुर्जर हत्याकांड में नामजद आरोपी बजरंग व दीपक शातिर अपराधी हैं। गोपी पारिया की हत्या के बदले के बहाने दोनों अपराधी टारगेट बनाकर हत्या कर रहे हैं। दोनों लूटपाट भी करते हैं। पुलिस ने इनकी तलाश में चार टीम गठित की हैं। इंस्पेक्टर एपी मिश्रा के अनुसार छह अप्रैल 2017 को सतीश निवासी गांव कांठ बेगमपुर मुरादाबाद से हाईवे पर चार बदमाशों ने 50 हजार रुपए लूट लिए थे। विरोध करने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में लूट व हत्या में बजरंग, दीपक, अंकित, सचिन व चंद्रपाल के नाम सामने आए थे।