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मोनू गुर्जर हत्याकांड: गोपी पारिया की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर किया था बदला लेने का एलान

Mon, 25 Mar 2019 01:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 25 Mar 2019 01:30 PM IST
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Monu gurjar murder announced on social media after Gopi Pariya murder in Meerut shobhapur
मोनू गुर्जर -कुर्सी पर बाएं से तीसरा - फोटो : फाइल

मेरठ में शोभापुर-कंकरखेड़ा के चर्चित अनुसूचित-गुर्जर संघर्ष में गोपी पारिया की हत्या के बदले एक और हत्या हो गई। शनिवार को दायमपुर के पास मिले युवक के शव की रविवार को मोनू गुर्जर (25) पुत्र मांगेराम निवासी शोभापुर के रूप में शिनाख्त होने पर फिर से जातीय तनाव की स्थिति बन गई है। वहीं यदि मोनू के परिजनों की मानें और सोशल मीडिया पर पिछले साल वायरल की गई सूची पर नजर डालें तो सामने आ रहा है कि टारगेट पर तो मोनू के ताऊ के दो बेटे थे। लेकिन निशाना मोनू को बनाया गया-

Monu gurjar murder announced on social media after Gopi Pariya murder in Meerut shobhapur
परिजनों से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : फाइल
पिछले साल दिसंबर में शोभापुर गांव के ही आशीष गुर्जर की एलानिया गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। माना गया कि गोपी परिया की मौत का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। उसी समय एक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें नौ लोगों के फोटो समेत चेतावनी दी गई थी। 

लिखा गया था कि इन लोगों की मौत किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के हाथ लिखी है। कोई बीच में दखल न दे। कहा गया था कि सूची गोपी पारिया पक्ष के किसी व्यक्ति ने जारी की है और उसमें सभी गुर्जर युवकों को टारगेट करने की बात कही गई थी। इस सूची में सबसे पहले आशीष गुर्जर की फोटो थी जिसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद अनिल, मनोज, कपिल, सुनील, जॉनी, ललित, विष्णु व वासु की थी।
Monu gurjar murder announced on social media after Gopi Pariya murder in Meerut shobhapur
घर के बाहर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हालांकि इस सूची में मोनू गुर्जर का नाम नहीं था पर इस सूची में शामिल अनिल और सुनील दोनों ही मोनू के ताऊ गुलवीर के बेटे हैं। गोपी की हत्या के आरोप में सुनील जेल गया था, जो फिलहाल बाहर है। कपिल पर भी यह आरोप लगा था और वह भी इस समय जेल में नहीं है। मनोज फिलहाल जेल में ही है। ऐसे में इस सूची पर पुलिस ने एक बार फिर से काम शुरू कर दिया है। चूंकि जिस तरह से एक बार फिर से इस प्रकरण में यहां तीसरी हत्या हुई है उसने पुलिस के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है।
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Monu gurjar murder announced on social media after Gopi Pariya murder in Meerut shobhapur
खेत में मिला मोनू गुर्जर का शव - फोटो : अमर उजाला
गोपी की बरसी में दस दिन बाकी
शोभापुर के गोपी पारिया की बरसी में अभी दस दिन बाकी हैं। दो अप्रैल को मेरठ में बवाल हुआ था और चार अप्रैल को गोपी की हत्या कर दी गई थी। दस दिन बाद उसकी बरसी है। उससे पहले ही एक और हत्या ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। 
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Monu gurjar murder announced on social media after Gopi Pariya murder in Meerut shobhapur
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
मोनू की हत्या राजनीतिक साजिश तो नहीं 
लोकसभा चुनाव के नाजुक समय में एक ऐसी हत्या जिसे जातीय संघर्ष का परिणाम माना जा रहा होे, कहीं राजनीतिक साजिश का हिस्सा तो नहीं। पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है। गांव शोभापुर में जिस तरह से गुर्जर तथा अनुसूचित जाति के लोगों के बीच तनातनी है, उसने तमाम सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को न केवल इस समय बल्कि मतदान के दौरान भी अब यहां गंभीरता से निगाह रखनी होगी।

 
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