भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पूरी तरह तैयारियों में जुट चुकी है। भाजपा के बड़े दिग्गज पश्चिमी यूपी में अपने चुनावी सफर पर निकल चुके हैं। सहारनपुर में आज जहां सीएम योगी जहां बेहट की जनता की सियासी नव्ज भांपी। वहीं 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ से दो-दो लोकसभा सीटों को साधने का प्रयास करेंगे। लेकिन बड़ी बात यह है कि पीएम मोदी की रैली के स्थान को अचानक बदलने का फैसला क्यों किया गया। आगे जानें क्या है वजह:-
पश्चिम के सफर पर भाजपा के दिग्गज, पीएम मोदी के रैली स्थल में बदलाव, यह है बड़ी वजह
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भाजपा के क्षेत्रीय नेतृत्व ने पहले माधवकुंज और बाद में जागृति विहार स्थित राष्ट्रोदय स्थल पर रैली करना प्रस्तावित किया था। दरअसल इस स्थान पर ही पिछले चुनाव में नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैली की शुरूआत की थी जिसके बाद उन्हें जीत हासिल हुई थी।
इसके बाद रैली के लिए दौराला थाना क्षेत्र में सिवाया टोल प्लाजा के पास स्थित भगवती कालेज के पीछे खाली पड़ी जमीन को तय किया गया है। शनिवार को भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री अजय, पश्चिमी क्षेत्र के प्रभारी विजय बहादुर पाठक, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक मोंगा आदि नेताओं ने रैली स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद इस जमीन को समतल करने के लिए जेसीबी मशीनें लगा दी गई हैं।
दो-दो लोकसभा सीटों को एकसाथ साधने का प्रयास
जी हां प्रधानमंत्री के रैलीस्थल को अचानक बदले जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह है मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट। दरअसल पार्टी चाहती है कि पीएम की रैली की शरूआत को क्रांतिधरा की धरती से ही हो लेकिन इससे मुजफ्फरनगर की जनता का भी रुख भांप लिया जाए।
यही कारण है कि मेरठ और मुजफ्फरनगर के केंद्र में आने वाले सिवाया टोल प्लाजा के पास का स्थान चुना गया। यानी कहा जा सकता है कि एक ही दिन दो-दो लोकसभा सीटों की जनता को संबोधित कर भाजपा एक तीर से दो निशाने करना चाहती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में बड़ी चुनौती मोदीपुरम हाईवे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कारण लगने वाले जाम से निपटने की होगी। यहां साढ़े तीन मीटर चौड़ी सर्विस रोड से हजारों की संख्या में रोजाना यातायात निकालना बड़ी समस्या बनता है।
अब भाजपा ने इस क्षेत्र में रैली प्रस्तावित कर दी। ऐसे में मेरठ की तरफ से आने वाले कार्यकर्ताओं के अलावा पुलिस-प्रशासन के साथ ही पल्लवपुरम और आसपास के गांवों वालों के सामने भी समस्या होगी। सबसे ज्यादा समस्या पल्हैड़ा फ्लाईओवर पर रहेगी। फ्लाईओवर से दूसरा रास्ता भी बड़ा नहीं है, जिससे ट्रैफिक को आसानी से निकाला जा सके।