मेरठ में जीएम प्रोडक्शन हाउस द्वारा आयोजित ‘मिस एंड मिसेज डायमंड ऑफ यूपी 2019’ फिनाले तीन घंटे देरी से हंगामे के बीच शुरू हुआ। तीन प्रस्तुति होने के बाद पैसा न मिलने के कारण मंडप की लाइट काट दी गई। आयोजन में बुलाए गए अतिथि विरोध करते हुए कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए। कार्यक्रम में आए लगभग तीस प्रतिभागियों के अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मिस डायमंड ऑफ यूपी 2019 में बखेड़ा, आयोजकों पर मॉडलिंग के नाम पर पैसा ठगने का आरोप
ग्रेंड फिनाले इवेंट का आयोजन दिल्ली रोड स्थित मंडप हुआ। कार्यक्रम शुरू होने का निर्धारित समय शाम 7:00 बजे रखा गया था। हालांकि कार्यक्रम रात नौ बजे तक भी शुरू नहीं हो पाया। जीएम प्रोडक्शन के डायरेक्टर गौरव मुल्तानिया ने बताया कि जिस व्यक्ति को पैसा लेकर आना था, उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।
जैसे तैसे कार्यक्रम शुरू किया गया। बच्चों में श्रुति, प्रभजोत और खुशी ने प्रस्तुति दी। इस बीच मंडप की लाइट बंद कर दी गई। कुछ लोगों ने पैसा न मिलने के कारण हंगामा किया। लगभग आधा घंटा मंडप की लाइट बंद रही। व्यवस्थाओं के अभाव के चलते एक के बाद दर्शक कार्यक्रम जाते रहे। कार्यक्रम में रात्रि लगभग दस बजे तक मात्र प्रस्तुति देने वाले, अभिभावक, आयोजक ही शेष थे।
अतिथियों का नहीं हुआ सम्मान
फिनाले में पहुंचे अधिवक्ता अरविंद कुमार और एक अन्य महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उन्हें अतिथि के रूप में बुलाया गया था। उन्हें कुछ सम्मान नहीं मिला। इस बीच अन्य लोगों ने भी कहा कि मॉडलिंग के नाम पर पैसा इकट्ठा किया गया था। कार्यक्रम में बच्चों से प्रस्तुति कराई जा रही है। उन्होंने मॉडलिंग के नाम पर ठगी के भी आरोप लगाए।
अभिभावकों को हुई परेशानी
कार्यक्रम में मोदीनगर, गंगानगर और रेलवे रोड आदि स्थानाें से विभिन्न डांस ग्रुप और अन्य लोग पहुंचे थे। गंगानगर निवासी दीपांकर ने बताया कि जिस तरह कार्यक्रम में बताया गया था, वैसा हुआ नहीं है। मोदीनगर से आए नटराज ग्रुप के रोहित और अर्जुन ने बताया कि कार्यक्रम में लोगों ने असुविधा का सामना किया। रेलवे रोड क्षेत्र से गौरव ने असुविधा की बात कही।