मेरठ में हस्तिनापुर क्षेत्र के पलड़ा गांव में विशु की हत्या के विरोध में हुए हिंसक बवाल के बाद मंगलवार को भी पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च निकाला गया। तीन घंटे तक एसएसपी गांव में डटे रहे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की।
वहीं तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए फोर्स बढ़ा दी गई है। गांव में एक एएसपी, चार सीओ, 10 इंस्पेक्टर, 70 दरोगा, 250 सिपाही और पीएसी के करीब 150 जवानों को तैनात किया गया है। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि जब तक माहौल शांतिपूर्ण नहीं होगा, तब तक कोई भी छुट्टी पर नहीं जाएगा।
2 of 7
गांव में पहुंचे एसएसपी।
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने प्राथमिक विद्यालय में पुलिस के लिए बनाए गए कैंप में फोर्स को निर्देश दिए। सीओ आशीष शर्मा और एसडीएम मवाना को भी चेताया कि कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एसएसपी के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वह मृतक विशु के परिजनों से मिलने के लिए भी पहुंचे, लेकिन उसके पिता नहीं मिले।
उन्होंने आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। उधर, बवाल के समय जान बचाकर निकले दूसरे समुदाय के कुछ परिवार अपने घरों में वापस आ गए, जबकि कुछ के मकानों पर अभी भी ताले लटके हुए हैं।
4 of 7
घरों में तोड़फोड़ की गई।
- फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालय में रिजर्व में है फोर्स
गांव के हर चौराहे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में रिजर्व में भी पुलिस बल को रखा गया है, जिन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
5 of 7
घरों में तोड़फोड़ की गई।
- फोटो : अमर उजाला
लेखपाल करेंगे आगजनी के नुकसान का आंकलन
बवाल के दौरान कुछ मकानों और फसलों में आग लगा दी गई थी। आगजनी से फसल को नुकसान का आंकलन करने के लिए मवाना तहसील के लेखपालों की टीम को लगाया गया है। टीम को निष्पक्षता से जांच रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया।